Mukhtar Ansari : मुख्तार ने उसरी चट्टी कांड में न्याय के लिए खटखटाया था सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
घटना 23 साल पहले 15 जुलाई 2001 की है। उन दिनों गाजीपुर के मऊ सदर से विधायक रहा मुख्तार मोहम्मदाबाद से गाजीपुर मऊ जा रहा था। रास्ते में उसरी चट्टी के पास स्वचलित हथियारों से लैस हमलावरों ने उसके काफिले पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी।
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गाजीपुर के चर्चित उसरी चट्टी कांड में न्याय के लिए माफिया मुख्तार अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मुख्तार की इस मामले में माफिया डॉन बृजेश सिंह के खिलाफ गवाही होनी थी। सुप्रीम कोर्ट में मुख्तार ने वकील के जरिये इस केस को दूसरे राज्य में स्थानांतरित करने की गुहार लगाई थी। इस मामले की तीन अप्रैल को सुनवाई होगी।
पूर्वांचल के बहुचर्चित उसरी चट्टी कांड में माफिया बृजेश सिंह को ट्रायल कोर्ट से बरी किया जा चुका है। घटना 23 साल पहले 15 जुलाई 2001 की है। उन दिनों गाजीपुर के मऊ सदर से विधायक रहा मुख्तार मोहम्मदाबाद से गाजीपुर मऊ जा रहा था। रास्ते में उसरी चट्टी के पास स्वचलित हथियारों से लैस हमलावरों ने उसके काफिले पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी।
इस हमले में मुख्तार के अंगरक्षक रामचंद्र समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। तब मुख्तार को भी गोली लगने की बात आई थी। इस मामले में बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह और उनके साथियों को नामजद किया गया था। इस मामले में गवाही चल रही है। इससे पहले बृजेश को ट्रायल कोर्ट से इस मामले में राहत मिल चुकी है।
बृजेश को इस मामले में बरी किया जा चुका है। मामले में मुख्तार की गवाही होनी थी। इसी मामले को लेकर जेल में बंद मुख्तार ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। मुख्तार ने वकील के जरिये कहा था कि इस मामले को यूपी से अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए, ताकि इस मामले में न्याय हो सके। यूपी में निष्पक्ष सुनवाई की उसे उम्मीद नहीं है।