सांसद अफजाल की अपील वायरल : ऑडियो जारी कर मुस्लिम समाज से की अपील...अल्लाह से दुआ कीजिए...
गैंगस्टर मामले में मिली सजा के खिलाफ कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था। इस पर सोमवार को फैसला आने की उम्मीद है। अफजाल अंसारी ने गाजीपुर से लोकसभा चुनाव में सपा के टिकट पर जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को भारी अंतर से चुनाव में शिकस्त दी है।
विस्तार
गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी के मामले में सोमवार को फैसला आ सकता है। गैंगस्टर मामले में मिली सजा के खिलाफ कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था। इस पर सोमवार को फैसला आने की उम्मीद है। अफजाल अंसारी ने गाजीपुर से लोकसभा चुनाव में सपा के टिकट पर जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को भारी अंतर से चुनाव में शिकस्त दी है।
कोर्ट का फैसला अफजाल के खिलाफ आता है तो उनकी संसद की सदस्यता समाप्त हो सकती है। फैसला आने से पहले सांसद अफजाल ने लोगों से दुआ की अपील की है। इस संबंध में उन्होंने एक आडियो भी जारी कर अपील की है। यह अपील अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
ऑडियो में की अपील...अल्लाह से दुआ कीजिए
सांसद अफजाल अंसारी का एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह मुस्लिम समाज के लोगों से अपील कर रहे हैं कि इंशा अल्लाह सोमवार को इस फैसले के आने की उम्मीद है। आपसे दरखास्त है, गुजारिश है कि अल्लाह से दुहा कीजिए की बेहतर फैसला आ जाता...।
सांसद अफजाल अंसारी और 29 अंक पर चर्चाएं
सपा सांसद अफजाल अंसारी के गैंगस्टर मामले में हाईकोर्ट में फैसला 29 जुलाई को आ सकता है, जो उनका राजनीतिक भविष्य तय करेगा। इस फैसले पर सभी की नजर है। वहीं लोग 29 के अंक को लेकर भी चर्चाएं कर रहे हैं। 29 नवंबर 2005 को भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। 29 अप्रैल 2023 को ही गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने अफजाल अंसारी को गैंगस्टर एक्ट के तहत चार साल की सजा सुनाई गई। गैंगस्टर मामले में फिर 29 जुलाई को ही हाईकोर्ट से फैसला आ सकता है।
जानकारों का मानना है कि सजा बरकरार रही या बढ़ी तो उनकी लोकसभा सदस्यता समाप्त हो जाएगी। ऐसे में गाजीपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव होगा। लेकिन, अगर फैसला अफजाल अंसारी के पक्ष में आया तो सरकार के लिए बड़ा झटका होगा। 29 अप्रैल 2023 को ही गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने अफजाल अंसारी को गैंगस्टर एक्ट के तहत चार साल की सजा सुनाने के साथ एक लाख का जुर्माना लगाया।
इसके बाद उनकी लोकसभा सदस्यता भी रद्द कर दी गई। लेकिन, 24 जुलाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर ली। लेकिन, सजा पर रोक नहीं लगाई, जिसके चलते वो इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। जहां से उन्हें राहत देते हुए उनकी लोकसभा सदस्यता सशर्त बहाल कर दी गई। साथ ही इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट को सौंप दी गई।
तमाम कयासों और उठापटक के बीच अफजाल अंसारी सपा से लोकसभा चुनाव लड़े और भाजपा प्रत्याशी पारस नाथ राय को 1 लाख 24 हजार 861 वोटों के अंतर से हरा दिया। इधर, अफजाल अंसारी ने सजा को रद्द करने के लिए तो राज्य सरकार और कृष्णानंद राय के बेटे ने सजा बढ़ाने की अपील हाइकोर्ट में दाखिल की, जिसकी सुनवाई पांच जुलाई को पूरी हो चुकी है। अब अंसारी परिवार समेत सभी की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी है।