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Prayagraj : एक दर्जन से ज्यादा बस्तियां अब भी बाढ़ की चपेट में, 1400 से अधिक लोग राहत शिविर में रहने को बाध्य

Fri, 12 Sep 2025 01:13 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 12 Sep 2025 01:13 PM IST
सार

गंगा और यमुना के जलस्तर में कमी आने से कछारी इलाके के लोगों को कुछ राहत मिली है लेकिन जलस्तर कम होने की रफ्तार बहुत कम है तो बीच-बीच में नदियां स्थिर भी हो जा रही हैं।

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More than a dozen settlements are still in the grip of floods, more than 1400 people are forced to live
राजापुर इलाके में भरा बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गंगा और यमुना के जलस्तर में कमी आने से कछारी इलाके के लोगों को कुछ राहत मिली है लेकिन जलस्तर कम होने की रफ्तार बहुत कम है तो बीच-बीच में नदियां स्थिर भी हो जा रही हैं। इसके अलावा गंगा में पीछे से अभी पानी आने की बात कही जा रही है। ऐसे में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। दोनों नदियों के जलस्तर में गिरावट और रह-रहकर इनके स्थिर होने का सिलसिला मंगलवार से जारी है।

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हालांकि जलस्तर में कमी की रफ्तार प्रतिघंटे 0.50 सेमी से नीचे ही रही। सिंचाई विभाग की बृहस्पतिवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 84.07 मीटर रहा। जलस्तर में प्रतिघंटे 0.25 सेमी की कमी दर्ज की गई। इसी तरह से नैनी में यमुना का जलस्तर 83.80 मीटर रहा। इसके जलस्तर में प्रतिघंटे 0.50 सेमी की कमी दर्ज की गई। हालांकि टोंस नदी में अब भी काफी पानी आ रहा है। इसके अलावा कानपुर बैराज से अधिक पानी छोड़ा गया है। ऐसे में जलस्तर में मामूली गिरावट के बीच बाढ़ का खतरा अभी बना हुआ है।
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कछारी इलाके की एक दर्जन से अधिक बस्तियों में अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। बघाड़ा, सलोरी, बेली कछार, बेली गांव, नेवादा, अशोक नगर के कछारी इलाकों में काफी ऊपर तक पानी आ गया है। इन क्षेत्रों की सड़कों और गलियों के अलावा हजारों घरों में भी पानी घुटनों से ऊपर तक भरा है। इसकी वजह से बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। 1400 से अधिक लोग बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे हैं। इनके लिए पांच शिविर खोले गए हैं। इनके अलावा दो अन्य शिविर तैयार भी रखे गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें भी खोला जा सके।

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More than a dozen settlements are still in the grip of floods, more than 1400 people are forced to live
राजापुर इलाके में भरा बाढ़ पानी। - फोटो : अमर उजाला।

जलस्तर कम हुआ लेकिन बढ़े शरणार्थी

दोनों नदियों का जलस्तर कम हुआ है। इसके बावजूद बाढ़ राहत शिविरों में लोगों के आने का क्रम जारी है। शहर में संचालित पांच शिविरों में रहने वालों की संख्या बृहस्पतिवार को 1440 हो गई। जबकि बुधवार को 1410 लोग थे।

बाढ़ से प्रभावित मोहल्ले और गांव

सदर तहसील के अंतर्गत कछार मऊ, मऊ सरैया, बघाड़ा जहरूद्दीन, बघाड़ा बालन, मेहंदौरी कछार, शिवकुटी, नेवादा, बेली, सलोरी, दारागंज में बाढ़ का पानी घुस गया है। फूलपुर में सोनौटी, बदरा धोकरी, लीलापुर, करछना में देहली, भगेसर, मेजा में झरियारी, अमिलिया खुर्द और सोरांव में फाफामऊ, गंगानगर बाढ़ से प्रभावित हैं।

कंट्रोल रूम नंबर

0532-2641577, 0532-2641578, 0532-2641597, 0532-2641598, 1077

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