प्रयागराज नगर निगम : 70 हजार से अधिक भवन स्वामियों का माफ होगा बकाया गृहकर का ब्याज
सर्किट हाउस के सभागार में महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने बताया कि कोरोना काल में गृहकर वृद्धि का प्रस्ताव निरस्त किया गया था। महामारी के दौरान हजारों भवन स्वामी गृहकर का भुगतान नहीं कर पाए।
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शासन ने गृहकर के बकाएदारों को ब्याज माफी की सौगात दी है। संगमनगरी में 70 हजार से अधिक आवासीय भवन स्वामियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। आवासीय, सरकारी, अर्द्धसरकारी और 200 वर्गफुट तक की दुकानों को भी ओटीएस (एकमुश्त समाधान) योजना का लाभ मिलेगा। इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
सर्किट हाउस के सभागार में महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने बताया कि कोरोना काल में गृहकर वृद्धि का प्रस्ताव निरस्त किया गया था। महामारी के दौरान हजारों भवन स्वामी गृहकर का भुगतान नहीं कर पाए। महापौर के मुताबिक 11 दिसंबर को सदन की बैठक में गृहकर में ब्याज माफी का संकल्प पारित किया गया था। इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। सरकार ने त्वरित फैसला लिया।
प्रमुख सचिव नगर विकास डॉ. रजनीश दुबे ने शासनादेश जारी कर दिया है। महापौर ने बताया कि गृहकर में ब्याज माफी की ओटीएस योजना तत्काल प्रभाव से लागू होगी। इसके तहत 31 मार्च 2022 तक बकाएदार एक बार में बकाया भुगतान कर ब्याज माफी का लाभ ले सकते हैं।
व्यावसायिक बड़े बकाएदारों को राहत नहीं
नगर आयुक्त रवि रंजन ने बताया कि बकाया गृहकर के लिए एक मुश्त समाधान योजना में मॉल, प्लाजा या अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत नहीं मिलेगी। सिर्फ दो सौ वर्ग फीट क्षेत्रफल की दुकानों को बकाया गृहकर में छूट का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकारी और अर्द्ध सरकारी कार्यालयों की बकाया राशि पर भी योजना लागू होगी।
इंटर कॉलेज कर मुक्त, डिग्री कॉलेजों को मिलेगी छूट
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा ने बताया कि इंटर तक के स्कूल-कॉलेज गृहकर से मुक्त हैं। वहीं डिग्री और अन्य विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों को भी बकाया गृहकर में ब्याज से माफी मिलेगी। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक लागू ओटीएस योजना के तहत भुगतान के लिए कहीं आवेदन करने की जरूरत नहीं है। अगले चार दिनों में साफ्टवेयर में छूट संबंधी विवरण अपडेट कर दिए जाएंगे। निगम के पोर्टल और साइट पर भवन स्वामी बकाया, भुगतान संबंधी विवरण देख सकते हैं।
वार्ड स्तर पर लगेंगे शिविर
महापौर ने ओटीएस योजना के बारे में बताया कि भुगतान के लिए वार्ड स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। वहीं नगर निगम मुख्यालय और जोन कार्यालयों के पटलों पर भुगतान करने की सुविधा मिलेगी। बकाएदार गृहस्वामी ऑनलाइन भुगतान भी कर सकते हैं। सभी डेबिट, क्रेडिट कार्ड, पेटीएम सहित अन्य ऑनलाइन साधनों से बकाया राशि का भुगतान किया जा सकता है।
जलकर में ब्याज माफी योजना 31 मार्च तक
महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने बताया कि शासन ने गृहकर में ब्याज माफी की योजना सिर्फ प्रयागराज के लिए लागू की है। वहीं 31 मार्च तक जलकर में ब्याज माफी की तिथि को भी जनहित में बढ़ा दिया गया है. उन्होंने बताया कि जलकर का बकाया भुगतान करने वाले शहरियों को अब 31 मार्च 2022 तक ब्याज माफी का लाभ दिया जाएगा।
ओटीएस योजना के खास बिंदु
ब्याज माफी के दायरे में सभी आवासीय भवन
छात्रावास, शैक्षणिक संस्थान जो नगर निगम अधिनियम
की धारा-177 के खंड (ग) के अधीन आच्छादित नहीं हैं
औद्योगिक इकाइयां और सार्वजनिक उपक्रम योजना में शामिल नहीं
केवल 200 वर्गफीट तक की दुकान (मॉल, प्लाजा की उक्त क्षेत्रफल
की दुकानों को छोड़कर)
योजना 31 मार्च 2022 तक अनुमन्य होगी।
कहां कितना बकाया- कितना मूल धन और ब्याज
70 हजार 127 आवासीय भवनों पर 75 करोड़, 16 लाख रुपये बकाया( इसमें 46 करोड़,55 लाख ब्याज)
230 सरकारी, अर्द्ध सरकारी भवनों पर 40 करोड़ बकाया( इसमें करीब 19 करोड़ ब्याज)
करीब तीन हजार छोटे दुकानदारों (200 वर्गफीट) पर करीब 16 करोड़ बकाया( इसमें करीब नौ करोड़ ब्याज)
नगर निगम के आंकड़ों के हिसाब से ओटीएस योजना के तहत शहरियों को करीब 75 करोड़ ब्याज माफी का लाभ मिलेगा। वहीं नगर निगम के खजाने में करीब 135 करोड़ रुपये अतिरिक्त आएंगे।
ठगे से रह गए 22 हजार व्यावसायिक भवन स्वामी
गृहकर में एक मुश्त समाधान योजना का कई साल से इंतजार कर रहे शहर के करीब 22 हजार व्यावसायिक भवनों के स्वामी ओटीएस योजना में शामिल न किए जाने से ठगे से रह गए हैं। जिन लोगों को छूट दी गई है, उससे करीब दोगुना राशि (जो करोड़ों में है) बकाया है। राहत की उम्मीद में बकाए पर ब्याज बढ़ता जा रहा है। करीब दो दर्जन बड़े बकाएदारों ने न्यायालय की शरण ली है। अब व्यापारी संगठनों ने ब्याज माफी के लिए सरकार से गुहार लगाने की बात कही है।
ओटीएस का श्रेय डिप्टी सीएम केशव को, पार्षद बोले, संघर्ष का है परिणाम
नगर निगम के गृहकर के बकाएदारों के लिए ब्याज में छूट के लिए लागू ओटीएस योजना के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी इस सदन के संकल्प और अपने प्रयास से सरकार का ऐतिहासिक निर्णय बता रही हैं। वहीं कई मुद्दों पर मुखर रहीं भाजपा पार्षद दल की सचेतक किरन जायसवाल ने इसका श्रेय डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को दिया है।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि महीनों से लंबित इस मांग को डिप्टी सीएम ने पूरा कराकर शहरियों को बड़ी राहत दी है। वहीं वरिष्ठ पार्षद कमलेश सिंह, आनंद घिल्डियाल, अशोक सिंह, अजय यादव, पूर्व पार्षद शिव सेवक सिंह ने इसे ओटीएस मुद्दे पर किए गए संघर्ष का परिणाम बताया। पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन, महापौर और सरकार से मांग की है कि आवासीय की तरह व्यावसायिक भवन स्वामियों के लिए भी ओटीएस योजना लागू की जाए।