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चिल्ड्रेन अस्पताल के 50 फीसदी डॉक्टर संक्रमित, बच्चों का इलाज मुश्किल
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प्रयागराज। चिल्ड्रेन अस्पताल में 50 फीसदी से अधिक चिकित्सकों के साथ कई जूनियर रेजिडेंट भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इससे वहां उपचार के लिए पहुंच रहे बच्चों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। इसके साथ ही जुकाम, बुखार से पीड़ित बच्चों की कोरोना की जांच भी नहीं हो पा रही है। इससे कोरोना से संक्रमित होने वाले बच्चों की जानकारी भी नहीं मिल रही है। अस्पताल के विभागाध्यक्ष के मुताबिक उन्होंने बच्चों की कोरोना जांच के लिए मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएमओ तक पत्र भेजा, लेकिन अब तक जांच की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
वर्तमान में चिल्ड्रेन अस्पताल में लगभग 12 डॉक्टरों की तैनाती है, जिनमें एचओडी प्रो. एमवी सिंह सहित छह से अधिक कंसल्टेंट कोरोना संक्रमित हैं। अस्पताल के डॉ. आरके यादव, प्रभारी एचओडी डॉ. अनुभा सहित एक दो और कंसल्टेंट पहले से ही संक्रमित थे, लेकिन अब इन सबकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई है और सभी लोगों ने ड्यूटी भी ज्वाइन कर ली है। विभाग में कंसल्टेंट के अलावा आठ जूनियर रेजिडेंट्स भी संक्रमित हो गए थे। इनमें से कुछ की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है और उन्होंने भी ज्वाइन कर लिया है।
चिल्ड्रेन अस्पताल के चिकित्सकों के संक्रमित होने से प्रयागराज के साथ-साथ आसपास के जिलों के बच्चों के उपचार में समस्या खड़ी हो गई है। कोरोना के संक्रमण के चलते पूरा स्टाफ काम भी नहीं कर रहा है। वहीं दूसरी ओर अस्पताल में कोरोना की जांच की भी व्यवस्था नहीं है। स्क्रीनिंग के दौरान अगर किसी बच्चे में कोरोना के लक्षण नजर आए तो उसे एसआरएन चिकित्सालय भेज दिया जाता है। एसआरएन चिकित्सालय में यह दिक्कत है कि वहां केवल आरटीपीसीआर जांच के लिए ही व्यवस्था है और 24 घंटे स्वाब सैंपल भी नहीं लिए जा रहे हैं।
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एसआरएन चिकित्सालय में भी स्वाब सैंपल लेने का समय भी निर्धारित है। चिल्ड्रेन अस्पताल से एसआरएन जाने वाले बच्चों को जांच कराने में दिक्कत होती है। उधर चिल्ड्रेन अस्पताल पहुंचने वाले बच्चों की कोरोना की जांच भी नहीं हो पा रही है। इसी वजह से वहां का चिकित्सकीय स्टाफ भी जोखिम लेकर काम कर रहा है। एचओडी प्रो. एमवी सिंह ने बताया कि बच्चों में कोरोना से संक्रमित होने का अंदाजा उनके माता-पिता से लगाया जाता है। इसी दौरान अगर कोई बच्चा संक्रमित मिला तो उससे कंसल्टेंट या दूसरे स्टाफ के संक्रमित होने की आशंका बनी रहती है।
प्रो. एमपी सिंह ने कहा कि इसी खतरे को देखते हुए उन्होंने चिल्ड्रेन अस्पताल में एंटीजन जांच की व्यवस्था करने के लिए मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह और सीएमओ डॉ. प्रभाकर राय को पत्र भेजा है लेकिन अभी तक उस मामले में कोई कदम उठाया नहीं गया है।
चिल्ड्ेन अस्पताल में आने वाले संदिग्ध बच्चों की कोरोना की जांच के लिए एक-दो दिन में व्यवस्था कर दी जाएगी। वहां एक मोबाइल वैन को लगा दिया जाएगा, जिससे संदिग्ध बच्चों की आसानी से कोरोना की जांच हो सके और उन्हें परेशानी न हो। -डॉ. ऋषि सहाय, कोरोना के नोडल ऑफिसर
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वर्तमान में चिल्ड्रेन अस्पताल में लगभग 12 डॉक्टरों की तैनाती है, जिनमें एचओडी प्रो. एमवी सिंह सहित छह से अधिक कंसल्टेंट कोरोना संक्रमित हैं। अस्पताल के डॉ. आरके यादव, प्रभारी एचओडी डॉ. अनुभा सहित एक दो और कंसल्टेंट पहले से ही संक्रमित थे, लेकिन अब इन सबकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई है और सभी लोगों ने ड्यूटी भी ज्वाइन कर ली है। विभाग में कंसल्टेंट के अलावा आठ जूनियर रेजिडेंट्स भी संक्रमित हो गए थे। इनमें से कुछ की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है और उन्होंने भी ज्वाइन कर लिया है।
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चिल्ड्रेन अस्पताल के चिकित्सकों के संक्रमित होने से प्रयागराज के साथ-साथ आसपास के जिलों के बच्चों के उपचार में समस्या खड़ी हो गई है। कोरोना के संक्रमण के चलते पूरा स्टाफ काम भी नहीं कर रहा है। वहीं दूसरी ओर अस्पताल में कोरोना की जांच की भी व्यवस्था नहीं है। स्क्रीनिंग के दौरान अगर किसी बच्चे में कोरोना के लक्षण नजर आए तो उसे एसआरएन चिकित्सालय भेज दिया जाता है। एसआरएन चिकित्सालय में यह दिक्कत है कि वहां केवल आरटीपीसीआर जांच के लिए ही व्यवस्था है और 24 घंटे स्वाब सैंपल भी नहीं लिए जा रहे हैं।
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एसआरएन चिकित्सालय में भी स्वाब सैंपल लेने का समय भी निर्धारित है। चिल्ड्रेन अस्पताल से एसआरएन जाने वाले बच्चों को जांच कराने में दिक्कत होती है। उधर चिल्ड्रेन अस्पताल पहुंचने वाले बच्चों की कोरोना की जांच भी नहीं हो पा रही है। इसी वजह से वहां का चिकित्सकीय स्टाफ भी जोखिम लेकर काम कर रहा है। एचओडी प्रो. एमवी सिंह ने बताया कि बच्चों में कोरोना से संक्रमित होने का अंदाजा उनके माता-पिता से लगाया जाता है। इसी दौरान अगर कोई बच्चा संक्रमित मिला तो उससे कंसल्टेंट या दूसरे स्टाफ के संक्रमित होने की आशंका बनी रहती है।
प्रो. एमपी सिंह ने कहा कि इसी खतरे को देखते हुए उन्होंने चिल्ड्रेन अस्पताल में एंटीजन जांच की व्यवस्था करने के लिए मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह और सीएमओ डॉ. प्रभाकर राय को पत्र भेजा है लेकिन अभी तक उस मामले में कोई कदम उठाया नहीं गया है।
चिल्ड्ेन अस्पताल में आने वाले संदिग्ध बच्चों की कोरोना की जांच के लिए एक-दो दिन में व्यवस्था कर दी जाएगी। वहां एक मोबाइल वैन को लगा दिया जाएगा, जिससे संदिग्ध बच्चों की आसानी से कोरोना की जांच हो सके और उन्हें परेशानी न हो। -डॉ. ऋषि सहाय, कोरोना के नोडल ऑफिसर