प्रयागराज : क्रिप्टोकरेंसी के जरिए चल रहे मनी लांड्रिंग के खेल का भंडाफोड़, एजेंट को दबोचा
करोड़ों के इस पूरे खेल में ऑनलाइन गेमिंग से मिली ब्लैक मनी को डिजिटल करेंसी में बदलकर किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि फेसबुक के जरिए उसकी जान पहचान जय नाम के शख्स से हुई। उसने खुद को दुबई में रहने वाला बताया।
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दुबई से क्रिप्टोकरेंसी के जरिए चल रहे मनी लांड्रिंग के एक बड़े खेल का भंडाफोड़ नए साल के पहले दिन हुआ। पुलिस ने सरगना के लखनऊ में बैठे एजेंट कृष्णाअवतार सिंह को गिरफ्तार कर लिया। करोड़ों के इस पूरे खेल में ऑनलाइन गेमिंग से मिली ब्लैक मनी को डिजिटल करेंसी में बदलकर किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि फेसबुक के जरिए उसकी जान पहचान जय नाम के शख्स से हुई। उसने खुद को दुबई में रहने वाला बताया। उसने उसे बिना कुछ किए लाखों रुपये कमाने का झांसा दिया।
इसके बाद जय के कहने पर उसने प्रयागराज व आसपास के कई लोगों का खाता खुलवाकर उसका यूजरआईडी व पासवर्ड उसे दे दिया। इन खातों में करोड़ों रुपये यह कहकर भेजे जाते थे कि यह रकम ऑनलाइन गेमिंग साइट्स पर हुई कमाई के हैं।
फिर इन रुपयों से बाइनेंस एप के जरिए क्रिप्टोकरेंसी टीथर(यूएसडीटी) खरीदे जाते थे और जय इसे अपने वालेट में ट्रांसफर कर लेता था। इस तरह से करोड़ों रुपये का लेनदेन अवैध तरीके से किया जा चुका है।
फिलहाल यह पता चला है कि गिरफ्तार अभियुक्त और उसके साथी बिना टैक्स का भुगतान किए ही बड़ी मात्रा में रुपयों का लेनदेन कर रहे थे। इन रुपयों का जो स्रोत फिलहाल सामने आया है, वह वैध नहीं है। ऐसे में मनी लांड्रिंग की भी संभावना है। मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। - रमित शर्मा, पुलिस आयुक्त
मूल रूप से मेजा का रहने वाला
गिरफ्तार कृष्णाअवतार सिंह (28) पुत्र अनिरुद्ध सिंह मूल रूप से मेजा के मदरा भगनपुर गांव का रहने वाला है। जो वर्तमान में लखनऊ में रहता था। उसके कब्जे से एप्पल मैकबुक, पांच मोबाइल फोन, एक जाली आधार कार्ड बरामद किया गया है।