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आयोग परीक्षा नियंत्रक का मोबाइल-लैपटॉप सील, गहन पूछताछ

Thu, 30 May 2019 12:14 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 30 May 2019 12:14 AM IST
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mobile and laptop of commission examination controller, set up for detailed inquiry.
lt grade - फोटो : amar ujala

उप्र लोकसेवा आयोग की ओर से 2018 में हुई एलटी ग्रेड भर्ती परीक्षा मामले में जांच के लिए शहर पहुंची वाराणसी एसटीएफ की टीम दूसरे दिन भी शहर में डटी रही। इस दौरान आयोग की परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार से गहन पूछताछ की गई। इससे पहले मंगलवार रात हुई पूछताछ के दौरान टीम ने उनका मोबाइल, लैपटॉप व कई दस्तावेज सील कर अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ। 

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लोक सेवा आयोग की ओर से पिछले साल 29 जुलाई को एलटी ग्रेड भर्ती परीक्षा का आयोजन कराया गया था। कुछ महीने पहले एसटीएफ को शिकायत मिली थी कि परीक्षा के ठीक एक दिन पहले यानी 28 जुलाई को वाराणसी में हिंदी व सामाजिक विज्ञान का पेपर आउट कराया गया था। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर 27 मई को आरोपी कौशिक कुमार कर (निवासी सॉल्ट लेक सिटी, कोलकाता) को वाराणसी में गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों की मानें तो पूछताछ में उसने एलटी ग्रेड परीक्षा का पेपर लीक करने की बात कबूल की। साथ ही बताया कि हल प्रश्नपत्रों की छाया प्रति देने के एवज में प्रति अभ्यर्थी उसे ढाई से पांच लाख रुपये मिलना था। अपने बयान में कहा है कि वह आयोग की परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार को पांच प्रतिशत के हिसाब से रुपये देता था और 26 मई को 10 लाख रुपये देने की भी बात बताई। 
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जिसके बाद एसटीएफ ने वाराणसी के चोलापुर थाने में एक दिन पहले आरोपी कौशिक व उसके सात साथियों के अलावा आयोग परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। इसी मामले में पूछताछ के लिए शहर पहुंची एसटीएफ वाराणसी की टीम बुधवार को लगातार दूसरे दिन आयोग कार्यालय में डटी रही। मामले में देर शाम तक परीक्षा नियंत्रक से गहन पूछताछ चलती रही। इससे पहले मंगलवार देर रात तक चली पूछताछ के दौरान टीम ने उनसे मुख्य आरोपी कौशिक के बयान के संबंध में पूछताछ की। साथ ही कार्यालय परिसर स्थित गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 15, जिसमें परीक्षा नियंत्रक रहती हैं, की सघन तलाशी भी ली। सूत्रों की मानें तो पूछता के बाद टीम ने उनका मोबाइल, लैपटॉप व कई दस्तावेज सील कर अपने कब्जे में ले लिए।
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क्या था पूरा मामला
सूत्रों की मानें तो एलटी ग्रेड भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच में शिकायतकर्ता अशोक देव चौधरी निवासी साल्ट लेक सिटी, कोलकाता से एसटीएफ टीम ने पूछताछ की तो उसने बताया कि वह ब्लेसिंग स्क्योर प्रेस प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी में कंसल्टेंट के तौर पर 2016 से अस्थायी कर्मचारी था। जिसका मालिक कौशिक कुमार था और यह कंपनी अलग-अलग प्रदेशों के सरकारी/गैरसरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की गोपनीय तरीके से छपाई का काम करती है। उसने आरोप लगाया कि मालिक कौशिक व उसके साथियों ने एलटी ग्रेड भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कर 28 जुलाई 2018 को वाराणसी के चोलापुर स्थित दसनीपुर गांव में पहले से जमा 50 अभ्यर्थियों को हल प्रश्नपत्र की छाया प्रतियां उपलब्ध कराईं। 

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