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विधायक का पत्ता कटा, सोरांव सीट कांग्रेस के खाते में
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 26 Jan 2017 01:44 AM IST
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An interesting story of samajwadi party symbol bicycle
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समाजवादी पार्टी से हुए गठबंधन के बाद इलाहाबाद में चार सीटें कांग्रेस के खाते में आई हैं। सपा ने सोरांव से मौजूदा विधायक का टिकट काटकर यह सीट कांग्रेस को दे दी है। इसके साथ शहर उत्तरी, बारा एवं कोरांव विधानसभा सीट भी सपा ने कांग्रेस के लिए छोड़ दी है।
कांग्रेस की बुधवार को जारी सूची में सोरांव सीट से जवाहर लाल दिवाकर को प्रत्याशी बनाना चौंकाने वाला है। ऐसा इसलिए कि यहां से वर्तमान में सत्यवीर मुन्ना सपा के विधायक हैं। पूर्व सांसद शैलेंद्र कुमार के भाई सत्यवीर का टिकट कटना सपाइयों के लिए भी चौंकाने वाला है, क्योंकि यह माना जा रहा था कि पार्टी में शैलेंद्र कुमार की हैसियत के चलते सत्यवीर का टिकट नहीं कटेगा लेकिन सपा ने यह सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी और कांग्रेस ने जवाहर लाल दिवाकर को मैदान में उतार दिया। दिवाकर पूर्व में बसपा के टिकट पर प्रतापपुर से विधायक रह चुके हैं। गठबंधन के बाद अन्य तीन सीटों पर वही हुआ, जिसकी उम्मीद जताई जा रही थी। शहर उत्तरी से अनुग्रह नारायण सिंह, कोरांव से रामकृपाल कोल और बारा से सुरेंद्र कुमार वर्मा को कांग्रेस ने मैदान में उतारा है।
सपा की ओर से शहर पश्चिमी विधानसभा सीट पर घोषित किए गए प्रत्याशी को बदलने की मांग शुरू हो गई है। प्रदेश नेतृत्व ने यहां से रिचा सिंह को टिकट दिया है। महानगर समाजवादी पार्टी के कार्यकारिणी सदस्य अरुण कुमार सिंह कुशवाहा ने इस संबंध में बुधवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। इसमें पश्चिमी में जातीय समीकरण का हवाला देते हुए कहा गया है कि रिचा का संबंध इलाहाबाद शहर से कभी नहीं रहा। वह यहां की मूल निवासी भी नहीं हैं और छात्रावास में रहती हैं। छात्रसंघ चुनाव के अलावा उनका कोई राजनीतिक जीवन नहीं रहा। उनके स्थान पर ऐसे नेता को उम्मीदवार बनाया जाए, जिसने पार्टी अपने जीवन पार्टी को समर्पित कर दिया। उन्होंने पत्र में 15 नेताओं ने नाम भी लिखे हैं।
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कांग्रेस की बुधवार को जारी सूची में सोरांव सीट से जवाहर लाल दिवाकर को प्रत्याशी बनाना चौंकाने वाला है। ऐसा इसलिए कि यहां से वर्तमान में सत्यवीर मुन्ना सपा के विधायक हैं। पूर्व सांसद शैलेंद्र कुमार के भाई सत्यवीर का टिकट कटना सपाइयों के लिए भी चौंकाने वाला है, क्योंकि यह माना जा रहा था कि पार्टी में शैलेंद्र कुमार की हैसियत के चलते सत्यवीर का टिकट नहीं कटेगा लेकिन सपा ने यह सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी और कांग्रेस ने जवाहर लाल दिवाकर को मैदान में उतार दिया। दिवाकर पूर्व में बसपा के टिकट पर प्रतापपुर से विधायक रह चुके हैं। गठबंधन के बाद अन्य तीन सीटों पर वही हुआ, जिसकी उम्मीद जताई जा रही थी। शहर उत्तरी से अनुग्रह नारायण सिंह, कोरांव से रामकृपाल कोल और बारा से सुरेंद्र कुमार वर्मा को कांग्रेस ने मैदान में उतारा है।
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सपा की ओर से शहर पश्चिमी विधानसभा सीट पर घोषित किए गए प्रत्याशी को बदलने की मांग शुरू हो गई है। प्रदेश नेतृत्व ने यहां से रिचा सिंह को टिकट दिया है। महानगर समाजवादी पार्टी के कार्यकारिणी सदस्य अरुण कुमार सिंह कुशवाहा ने इस संबंध में बुधवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। इसमें पश्चिमी में जातीय समीकरण का हवाला देते हुए कहा गया है कि रिचा का संबंध इलाहाबाद शहर से कभी नहीं रहा। वह यहां की मूल निवासी भी नहीं हैं और छात्रावास में रहती हैं। छात्रसंघ चुनाव के अलावा उनका कोई राजनीतिक जीवन नहीं रहा। उनके स्थान पर ऐसे नेता को उम्मीदवार बनाया जाए, जिसने पार्टी अपने जीवन पार्टी को समर्पित कर दिया। उन्होंने पत्र में 15 नेताओं ने नाम भी लिखे हैं।
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