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Fraud : कंबोडिया से भी जुड़ा मंत्री के अकांउटेंट से ठगी का तार, 90 फीसदी रुपये भेजने की आशंका

Fri, 22 Nov 2024 11:09 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 22 Nov 2024 11:09 AM IST
सार

साइबर पुलिस की जांच में पता चला है कि ठग ने पुलिस को गुमराह करने के लिए सैकड़ों बैंक खातों का इस्तेमाल किया। जब तक पुलिस इन खातों की जांच करती साइबर अपराधी यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेजरी (यूएसडीटी) क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से रुपये विदेश भेज दे रहे थे।

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Minister account linked to Cambodia, suspected to have sent 90% of money
नंद गोपाल गुप्ता नंदी, कैबिनेट मंत्री। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी के बेटे के अकाउंटेंट से ठगी का मामला सुलझने के बजाय लगातार उलझता जा रहा है। अब इस जांच में कंबोडिया देश का नाम भी जुड़ गया है। पता चला है कि ठगी के लगभग 90 फीसदी रुपये इसी देश में पहुंच गए हैं। हालांकि, साइबर पुलिस कुछ भी बताने से बच रही है।

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साइबर पुलिस की जांच में पता चला है कि ठग ने पुलिस को गुमराह करने के लिए सैकड़ों बैंक खातों का इस्तेमाल किया। जब तक पुलिस इन खातों की जांच करती साइबर अपराधी यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेजरी (यूएसडीटी) क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से रुपये विदेश भेज दे रहे थे।

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इनमें दुबई के साथ-साथ अब कंबोडिया का नाम सामने आया है। पता चला है कि ठगी के लगभग 90 फीसदी रुपये को इसी देश में भेजे गए हैं। पुलिस का मानना है कि इस तरह की ठगी का मुख्य गिरोह कंबोडिया, चीन, लाओस, थाईलैंड, मलेशिया, वियतनाम, दुबई आदि देशों में अपना ठिकाना बनाए हुए है। यहां से लोगों के रुपये ठगने के बाद विदेश में बैठे आकाओं के पास भेज दिए जा रहे हैं।

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एजेंटों को मोटा कमीशन देते हैं ठग

मंत्री नंदी के बेटे के अकाउंटेंट से 2.08 करोड़ की ठगी की जांच में कई एजेंटों के बारे में पुलिस को पता चला है। ये एजेंट साइबर पुलिस के निशाने पर हैं। साइबर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि एजेंट विदेश में बैठे आकाओं को मोबाइल नंबर, बैंक खाता समेत लोगों का डाटा मुहैया करवाते हैं। इनको इस एवज में कमीशन के तौर पर मोटा कमीशन दिया जाता है।

एजेंटों को अपने साथ ला सकती है पुलिस

साइबर पुलिस मंत्री के केस को सुलझाने के लिए बरेली, कोलकाता और सिलीगुड़ी गई है। यहां से टीम को ठगों के बारे में कई अहम सुराग मिले हैं। पता चला है कि यह पूरा गिरोह विदेश से जुड़ा है। लेकिन, स्थानीय स्तर पर उनके एजेंट सक्रिय हैं। पुलिस की जांच में अब तक पांच से छह एजेंटों के नाम सामने आए हैं। पुलिस इन्हें पकड़कर अपने साथ वापस ला सकती है।

तीनों खातों को पुलिस ने किया वैरिफाई

ठगों ने कोलकाता के एक्सिस बैंक में 68 लाख, बरेली के आईसीआईसीआई बैंक में 65 लाख और सिलीगुड़ी के यूको बैंक में 75 लाख रुपये ट्रांसफर कराए थे। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने इन तीनों बैंकों में जाकर खाते खंगाले हैं। पुलिस जब खाताधारक के पते पर पहुंची तो पता चला कि वहां कोई कंपनी नहीं है, बल्कि गरीब मजदूर रहता है। उसे पता ही नहीं कि उसके नाम से खुले खाते में लाखों रुपये आए हैं।

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