प्रशासनिक निगरानी में रहेंगे प्रवासी मजदूर, सभी की होगी जांच
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दूसरे प्रदेश से आने वाले श्रमिकों तथा अन्य लोगों की जांच तथा क्वारंटीन करने को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। यहां हजारों मजदूरों के आने की उम्मीद है। ऐसे में मजदूरों को क्वारंटीन करने, घर भेजने तक की अलग-अलग रणनीति बनाई गई है।
ट्रेन से आने वाले मजदूरों की जिलेवार सूची रेलवे तथा जिला प्रशासन के पास होगी। यहां उतरने वाले दूसरे जिलों के मजूदरों को स्टेशन से ही उनके गृह जनपद भेजा जाएगा। स्टेशन पर ही बसें लगी रहेंगी। चिकित्सीय जांच भी होगी। वहीं प्रयागराज के श्रमिकों का चिकित्सीय परीक्षण कराया जाएगा। प्रारंभिक स्तर पर कोई लक्षण मिलने पर उन्हें सात दिनों के लिए क्वारंटीन किया जाएगा। चिकित्सीय टीम की संतुष्टि के बाद इन्हें 14 दिनों के लिए होम क्वारंटीन किया जाएगा।
प्रारंभिक जांच में जो श्रमिक पूरी तरह से स्वस्थ पाए जाएंगे उन्हें 21 दिनों के लिए होम क्वारंटीन किया जाएगा। परिवार के मात्र एक सदस्य को ही आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी आदि के लिए बाहर जाने की अनुमति होगी। आशा घर के सभी सदस्यों को जागरूक करेंगी और जांच कराएंगी। शासन का स्पष्ट निर्देश है जिनके पास होम क्वारंटीन की सुविधा नहीं है उन्हें आश्रय स्थलों पर क्वारंटीन किया जाए। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने रविवार को रेलवे स्टेशनों का भ्रमण कर तैयारियों को देखा। उन्होंने बैठकें करके अफसरों को गाइडलाइन के अनुसार व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
दूसरे राज्यों से आने वाले हर श्रमिक का ब्योरा तैयार होगा। यह जिम्मेदारी श्रम विभाग को दी गई है। विभाग एक रजिस्टर में पूरा विवरण दर्ज करेगा। इसके बाद इसे कम्प्यूटर पर भी फीड किया जाएगा। इसमें श्रमिकों के हुनर का भी जिक्र होगा। ताकि, उसी के अनुरूप उन्हें रोजगार मुहैया कराया जा सके।