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बुध पारगमन देखने को दिखा उत्साह
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 10 May 2016 02:21 AM IST
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सोमवार को सूर्य के ऊपर से बुधगृह का पारगमन हुआ जिसको दूरबीन के द्वारा लोगों ने जवाहर तारामंडल में देखा।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सोमवार को अनोखी खगोलीय घटना बुध का पारगमन देखने के लिए शहरियों में उत्साह दिखा। शताब्दी के सबसे लंबे पारगमन को देखना सभी के लिए कौतुहल का विषय रहा। परागमन साढ़ेे सात घंटे का था लेकिन इलाहाबाद में इसकी अवधि दो घंटे रही। अगला बुध परागमन अब लंबे अरसे बाद 2032 में देखा जा सकेगा।
जवाहर तारामंडल में पहुंचे लोगों को इसे टेलीस्कोप की सहायता से देखा। बुध पारागमन, आकाशगंगा और ग्रहाें के बारे में भी लोगों ने तरह-तरह के सवाल भी पूछे। भारत में पारगमन 4.40 मिनट से शुरू होकर मध्य रात्रि तक रहा, लेकिन सूर्यास्त के बाद इसे नहीं देखा जा सका। पारगमन में सूर्य चकती के आगे बुध ग्रह एक काले बिंदु के रूप से गति करता हुआ प्रतीत हुआ। शहर के कई हिस्सों में लोगों ने समूह में यह पारगमन प्रोजेक्शन के सहारे भी देखा।
वहीं जिला विज्ञान क्लब की ओर से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उप्र के निर्देशन में नैनी स्थित डीपीएस स्कूल में बुध पारगमन देखने की व्यवस्था की गई थी। यह अद्भुत खगोलीय घटना सभी को सोलर फिल्टर के जरिए दिखाई गई। क्लब के जिला समन्वयक वसीम अहमद और राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के रिर्सोस पर्सन संजय श्रीवास्तव ने बाल वैज्ञानिकों के सवालों के जवाब भी दिये। बताया, पृथ्वी से हमें सिर्फ बुध और शुक्र के पारगमन दिख सकते हैं। प्रत्येक शताब्दी में हमें शुक्र के दो और बुध के औसतन 13-14 पारगमन दिख सकते हैं।
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जवाहर तारामंडल में पहुंचे लोगों को इसे टेलीस्कोप की सहायता से देखा। बुध पारागमन, आकाशगंगा और ग्रहाें के बारे में भी लोगों ने तरह-तरह के सवाल भी पूछे। भारत में पारगमन 4.40 मिनट से शुरू होकर मध्य रात्रि तक रहा, लेकिन सूर्यास्त के बाद इसे नहीं देखा जा सका। पारगमन में सूर्य चकती के आगे बुध ग्रह एक काले बिंदु के रूप से गति करता हुआ प्रतीत हुआ। शहर के कई हिस्सों में लोगों ने समूह में यह पारगमन प्रोजेक्शन के सहारे भी देखा।
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वहीं जिला विज्ञान क्लब की ओर से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उप्र के निर्देशन में नैनी स्थित डीपीएस स्कूल में बुध पारगमन देखने की व्यवस्था की गई थी। यह अद्भुत खगोलीय घटना सभी को सोलर फिल्टर के जरिए दिखाई गई। क्लब के जिला समन्वयक वसीम अहमद और राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के रिर्सोस पर्सन संजय श्रीवास्तव ने बाल वैज्ञानिकों के सवालों के जवाब भी दिये। बताया, पृथ्वी से हमें सिर्फ बुध और शुक्र के पारगमन दिख सकते हैं। प्रत्येक शताब्दी में हमें शुक्र के दो और बुध के औसतन 13-14 पारगमन दिख सकते हैं।
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