ट्रिपलआईटी : एवरेस्ट फतह करने वाली मेघा ने दिया आगे बढ़ने का मंत्र, अपने संघर्षों और अनुभवों को किया साझा
पहले दुनिया की सबसे ऊंची चोटी फतह करने वाली और फिर समंदर की गहराइयों में जाकर भारत का परचम लहराने वाली मेघा परमार ने अपने संघर्षों और अनुभवों को साझा करते हुए छात्रों को कोई ऐसा कार्य के लिए स्वयं को संकल्पित करने का आह्वान किया, जिससे देश का नाम संपूर्ण विश्व में रोशन हो।
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मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव से निकलकर विश्व फलक पर छा जाने वालीं मेघा परमार शनिवार को ट्रिपलआईटी के छात्र-छात्राओं के बीच थीं। उन्होंने भावी टेक्नोक्रेटस को प्रेरित करते हुए कहा कि मिशन बनाकर देश को आगे बढ़ाएं और कीर्तिमान स्थापित करें। उन्होंने अपने व्याख्यान से छात्र-छात्राओं का मन जीत लिया।
पहले दुनिया की सबसे ऊंची चोटी फतह करने वाली और फिर समंदर की गहराइयों में जाकर भारत का परचम लहराने वाली मेघा परमार ने अपने संघर्षों और अनुभवों को साझा करते हुए छात्रों को कोई ऐसा कार्य के लिए स्वयं को संकल्पित करने का आह्वान किया, जिससे देश का नाम संपूर्ण विश्व में रोशन हो।
मेघा परमार ने 22 मई 2019 में जब माउंट एवरेस्ट फतह किया, तब वह ऐसा करने वाली मध्य प्रदेश की पहली महिला बनीं थीं। हालांकि, मन में कसक थी कि उनके नाम के साथ देश का नाम कैसे जुड़े। इसी कसक के साथ माउंट एवरेस्ट फतेह करने वाली मेघा निकल पड़ीं समंदर में गोते लगाने। समंदर में 147 फीट की टेक्निकल स्कूबा डाइविंग करने के साथ वह दुनिया में ऐसा करने वाली पहली महिला बन गईं।
मध्य प्रदेश में सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर मेघा बताती हैं कि ज्यादातर लड़कियों की तरह उनके भी सपने बहुत बड़े नहीं थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रिपलआईटी के डीन एकेडमिक प्रो. नीतेश पुरोहित एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. त्रिलोकी पंत ने किया। प्रो. रंजित सिंह ने ओरिएंटेशन कैंप के प्रारूप एवं उद्देश्यों पर चर्चा की।