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भगवान जगन्नाथ को औषधीय काढ़े का लगा भोग, रथयात्रा 12 को
Thu, 08 Jul 2021 09:39 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 08 Jul 2021 09:39 PM IST
सार
- विद्या गौरी वाटिका में भक्तों ने की भगवान जगन्नाथ के स्वस्थ होने की कामना
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रथयात्रा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन अस्वस्थ होने की वजह से विश्राम कर रहे भगवान जगन्नाथ को बृहस्पतिवार को औषधीय काढ़े का भोग लगाया गया। इसी के साथ भक्तों ने भगवान के स्वस्थ होने के लिए आराधना की। विद्या गौरी वाटिका स्थित मंदिर में भगवान अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विश्राम कर रहे हैं। 12 जुलाई को रथयात्रा निकाली जाएगी। इस बार फिर भगवान कोविड प्रोटोकॉल में रथारूढ़ होकर भक्तों को दर्शन देंगे।
जगन्नाथ जी महोत्सव समिति की ओर से सती चौरा स्थित मंदिर विद्या गौरी वाटिका में बृहस्पतिवार को भक्तों ने औषधीय काढ़े का भोग अर्पित किया। समिति के अध्यक्ष गोवर्धन दास गुप्ता ने अस्वस्थ होने के कारण विश्राम कर रहे भगवान जगन्नाथ को काढ़े के प्रसाद का भोग लगाया। भगवान जगन्नाथ की आरती रथयात्रा के संयोजक बसंत लाल आजाद ने किया। रथयात्रा के सह संयोजक राजेश केसरवानी ने बताया कि जेष्ठ पूर्णिमा के दिन अपनी मौसी के घर पहुंचे भगवान जगन्नाथ को 108 कलशों से स्नान कराया गया था, तभी वह बीमार पड़ गए थे।
अत्यधिक स्नान की वजह से भगवान के बीमार पड़ने की परंपरा रही है। इस दौरान भगवान 14 दिन के एकांतवास पर चले जाते हैं। इस बार 15 वेें दिन 12 जुलाई को भगवान स्वस्थ होकर रथारूढ़ होंगे। इसी के साथ कोविड प्रोटोकॉल में रथयात्रा आरंभ होगी। इस बार मंदिर परिसर में ही रथ पर भगवान भ्रमण करेंगे। भगवान के स्वस्थ होने की कामना करने वालों में जयराम गुप्ता, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, दाऊ दयाल गुप्ता, कृष्ण भगवान केसरवानी, गगन दास गुप्ता, अरुण साहू, त्रिलोकी केसरवानी, उज्जवल केसरवानी, हैप्पी कसेरा, मोहित कुमार, गीता गुप्ता, संगीता केसरवानी, लता उपाध्याय समेत तमाम भक्त शामिल थे।
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जगन्नाथ जी महोत्सव समिति की ओर से सती चौरा स्थित मंदिर विद्या गौरी वाटिका में बृहस्पतिवार को भक्तों ने औषधीय काढ़े का भोग अर्पित किया। समिति के अध्यक्ष गोवर्धन दास गुप्ता ने अस्वस्थ होने के कारण विश्राम कर रहे भगवान जगन्नाथ को काढ़े के प्रसाद का भोग लगाया। भगवान जगन्नाथ की आरती रथयात्रा के संयोजक बसंत लाल आजाद ने किया। रथयात्रा के सह संयोजक राजेश केसरवानी ने बताया कि जेष्ठ पूर्णिमा के दिन अपनी मौसी के घर पहुंचे भगवान जगन्नाथ को 108 कलशों से स्नान कराया गया था, तभी वह बीमार पड़ गए थे।
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अत्यधिक स्नान की वजह से भगवान के बीमार पड़ने की परंपरा रही है। इस दौरान भगवान 14 दिन के एकांतवास पर चले जाते हैं। इस बार 15 वेें दिन 12 जुलाई को भगवान स्वस्थ होकर रथारूढ़ होंगे। इसी के साथ कोविड प्रोटोकॉल में रथयात्रा आरंभ होगी। इस बार मंदिर परिसर में ही रथ पर भगवान भ्रमण करेंगे। भगवान के स्वस्थ होने की कामना करने वालों में जयराम गुप्ता, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, दाऊ दयाल गुप्ता, कृष्ण भगवान केसरवानी, गगन दास गुप्ता, अरुण साहू, त्रिलोकी केसरवानी, उज्जवल केसरवानी, हैप्पी कसेरा, मोहित कुमार, गीता गुप्ता, संगीता केसरवानी, लता उपाध्याय समेत तमाम भक्त शामिल थे।
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