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महापौर अभिलाषा गुप्ता का दावा, जलकर की नहीं बढ़ाई दरें, शहरियों को दी छूट

Tue, 10 Nov 2020 01:24 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 10 Nov 2020 01:24 AM IST
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Mayor Abhilasha Gupta claims no increase in water sales, exemption given to citizens
prayagraj news : अभिलाषा गुप्ता नंदी, महापौर - फोटो : prayagraj
महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने सोमवार को दावे से कहाकि जलकर में किसी तरह की कोई वृद्धि नहीं की गई है। शहरियों की सुविधा के लिए उन्हें सरचार्ज सहित तीन तरह की छूट दी जा रही है। एक मुश्त जलकर का भुगतान करने वालों को दस प्रतिशत की अतिरिक्त छूट बिल जारी होने के एक महीने तक दी जाएगी। उन्होंने साफ किया कि शासनादेश के मुताबिक वर्ष 2023 तक जलमूल्य नहीं बढ़ेगा। महापौर ने जलकर वृद्धि के नाम पर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया। कहा कि लोगों से जलकर भुगतान न करने और इस मुद्दे पर दुष्प्रचार कर लोगों को भ्रमित करने वाले पार्षदों, पूर्व पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से अनुरोध किया जाएगा। 
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महापौर ने नगर निगम कार्यकारिणी कक्ष में पत्रकार वार्ता में कहा कि कोरोना संक्रमण काल में किसी तरह की करवृद्धि न करने पर हम अडिग हैं। लोगों को सहूलियत के लिए छूट की घोषणा की गई है। उन्होंने बताया कि लोग भवनों के पुनरीक्षित बढ़े वार्षिक मूल्यांकन के आधार पर ही वर्ष 2014-15 से गृहकर जमा कर रहे हैं। उस वृद्धि को जलकल विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में लागू किया। इससे जलमूल्य के बिल स्लैब रेट की श्रेणी में बदलाव आया फिर उपभोक्ताओं को बिल जारी किए गए। इसे कुछ लोगों ने दुष्प्रचार का हथियार बना लिया। वह इसे जल मूल्य में वृद्धि कह कर प्रचारित किया जा रहा है। 
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कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के कारण देरी से जारी हुए बिल

महापौर अभिलाषा गुप्त नंदी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के प्रसार और लॉकडाउन के कारण बिज जारी करने में देरी हुई। इस दौरान कर्मचारियों की कमी भी बाधा बनी। जलकर और जलमूल्य की बिलिंग का काम जुलाई में शुरू किया जा सका। कुछ वार्डो के बिल गृहकर के बढ़े मूल्यांकन के आधार पर जारी किए गए, जिसे कार्यकारिणी समिति की बैठक के निर्णय के मुताबित वापस ले लिया गया। गलती सुधारने के लिए संशोधित बिल जारी किए गए हैं, उपभोक्ताओं का हित प्रभावित किए बिना नियमानुसार ही बिल जा किए कर वसूली की जा रही है। नियम विरुद्ध जलमूल्य वसूली या जलकर में वृद्धि के आरोप निराधार है, लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। 
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वास्तविक बिल जमा करने से बढ़ा राजस्व, बढ़ेंगी सुविधाएं

जलमूल्य और जलकर के वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2019-20 तक के वार्षिक एरियर में छूट दिए जाने तथा एक मुश्त भुगतान पर दस फीसदी छूट की घोषणा के बाद से बकाया भुगतान में तेजी आई है। महापौर के साथ प्रेसवार्ता में मौजूद नगर आयुक्त रवि रंजन ने बताया कि अक्तूबर 2019 में 413 लाख जलकर जमा हुआ था। जबकि अक्तूबर 2020 में यह आंकड़ा बढ़कर 648 लाख पर पहुंच गया। साफ है कि लोगों ने छूट का लाभ उठाकर बिल भुगतान में रुचि दिखाई। इससे राजस्व बढ़ा अब हम योजना बनाकर बेहतर सुविधाएं दे पाएंगे। वहीं जीएम जलकल हरिश्चंद्र बाल्मीकि और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहे। अफसरों ने बताया कि भवनों के वार्षिक मूल्यांकन के आधार 12.5 प्रतिशत की दर से जलकर की वसूली की जाती है।
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