मौनी अमावस्या : ड्रोन से निगरानी, मास्क न लगाने पर 214 का चालान
मेला में पुलिस के साथ ही पीएसी व आरएएफ के अलावा एटीएस की टीम भी तैनात की गई है। सोमवार सुबह से ही जवानों को मुस्तैद कर दिया गया। शिफ्टवार 24 घंटे यह पुलिसकर्मी लगातार दो दिनों तक ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।
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मौनी अमावस्या से एक दिन पहले ही माघ मेला क्षेत्र छावनी में तब्दील कर दिया गया। पांच हजार से ज्यादा जवानों को सुरक्षा में तैनात किया गया है। उधर, माघ मेला क्षेत्र की निगरानी ड्रोन से भी करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए सोमवार शाम को ही पूर्वाभ्यास भी किया गया। मेला एसपी देर रात तक पूरे क्षेत्र का भ्रमण करते रहे। वहीं, मास्क न लगाने पर 214 लोगों का चालान भी किया गया।
मेला में पुलिस के साथ ही पीएसी व आरएएफ के अलावा एटीएस की टीम भी तैनात की गई है। सोमवार सुबह से ही जवानों को मुस्तैद कर दिया गया। शिफ्टवार 24 घंटे यह पुलिसकर्मी लगातार दो दिनों तक ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। संवदेनशील स्थानों पर पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है। उधर, श्रद्धालुओं की भीड़ की संभावना को देखते हुए क्राउड मैनेजमेंट के लिए ड्रोन से भी निगरानी का निर्णय लिया गया है।
पुलिस की ओर से सोमवार को त्रिवेणी मार्ग के पास ड्रोन उड़ाकर पूर्वाभ्यास किया गया। इसके अलावा मेला क्षेत्र में एटीएस कमांडो भी गश्त करते रहे। बड़े हनुमान मंदिर, किला समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र में लगे 250 सर्विलांस कैमरों से मिलने वाली लाइव फीड के जरिए आईट्रिपलसी(इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) से भी पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी।
मेला एसपी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि सुरक्षा संबंधी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। 200 से ज्यादा लोगों का मास्क न लगाने पर चालान किया गया है।
स्थिति को देखते हुए लागू होगा डायवर्जन
पर्व को देखते हुए भारी कॉमर्शियल वाहनों का प्रवेश जिले में एक दिन पहले से ही रोक दिया गया है। अफसरों का कहना है कि भीड़ की स्थिति को देखते हुए छोटे वाहनों के लिए भी डायवर्जन लागू किया जा सकता है। झूंसी से शहर या नैनी की ओर जाने वाले वाहनों को अलोपीबाग फ्लाईओवर से गुजारा जाएगा। लेकिन इन वाहनों को जीटी जवाहर चौराहे की ओर नहीं जाने दिया जाएगा।
भीड़ की स्थिति को देखते हुए ही नैनी की ओर से आने वाले वाहनों को भी डायवर्ट किया जा सकता है। भारी कॉमर्शियल वाहनों के लिए दो फरवरी तक नो इंट्री लागू कर दी गई है। इन्हें जनपद में नौ स्थानों पर बनाए गए नो इंट्री प्वाइंट पर रोककर डायवर्ज किया जाएगा।
यह होगी पार्किंग व्यवस्था
मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं के वाहन प्लॉट नंबर 17 के अलावा काली सड़क स्थित यातायात पुलिस लाइन के सामने व बगल और पांटून पुल वर्कशॉप पार्किंग के साथ ही दारागंज गल्ला मंडी पार्किंग में खड़े कराए जाएंगे। इन पार्किंग स्थलों के भरने के बाद झूंसी, नैनी में बनाए गए पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
जीटी जवाहर से प्रवेश, निकाल हर्षवर्धन चौराहे से
संगम आने वाले श्रद्धालुओं को जीटी जवाहर से प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद काली सड़क से होते हुए काली रैंप होकर वह संगम अपर मार्ग से संगम तक जा सकेंगे। वापसी में संगम क्षेत्र से अक्षयवट मार्ग से होते हुए इंटरलॉकिंग मार्ग से जगदीश रैंप एवं त्रिवेणी मार्ग चौराहे से पार्किंग स्थल पर पहुंचेंगे। प्रवेश जीटी जवाहर और निकास हर्षवर्धन चौराहे जाने वाले मार्ग से होगा। मेला एसपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि मौनी अमावस्या पर अक्षयवट दर्शन बंद रहेगा। सामान्य दिनों में श्रद्धालु सुबह सात से शाम 5.30 बजे तक दर्शन कर सकते हैं।
ट्रैफिक डायवर्जन में नहीं रोकी जाएंगी अखबार की गाड़ियां: एसएसपी
मौनी अमावस्या स्नान पर्व के मद्देनजर लागू ट्रैफिक डायवर्जन के दौरान समाचार पत्र के वाहनों को नहीं रोका जाएगा। यह जानकारी एसएसपी अजय कुमार की ओर से दी गई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
अखबार ले जाने वाले वाहनों के आवागमन में किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। वह बिना रोकटोक शहर क्षेत्र में आवाजाही कर सकेंगे। कहीं इस आदेश का उल्लंघन हो तो 9454401201, 9454401279 और 9454402411 पर संपर्क किया जा सकता है। इसकेमेला क्षेत्र में पर्व पर वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है, जो सभी प्रकार के वाहनों पर लागू होगा।