{"_id":"0937062eeed8b21415ec338b635bf8f5","slug":"marksheet-disturbances-will-impede-in-counseling-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंकपत्र की गड़बड़ी से काउंसिलिंग में आएगी बाधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंकपत्र की गड़बड़ी से काउंसिलिंग में आएगी बाधा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 04 Jun 2015 12:13 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद (ब्यूरो)। यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट का परीक्षाफल एक साथ घोषित करके रिकार्ड तो बना लिया, लेकिन अंकपत्रों की गड़बड़ी ने परीक्षार्थियों की परेशानी बढ़ा दी है। बोर्ड की ओर से जारी अंकपत्रों में नाम, जन्मतिथि, पिता के नाम में गड़बड़ी के साथ ही परीक्षार्थियों को एक से अधिक विषयों में अनुपस्थित दिखाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। बोर्ड की गड़बड़ी से इंजीनियरिंग, पालीटेक्निक एवं स्नातक कक्षाओं में प्रवेश की तैयारी में लगे छात्रों को झटका लग सकता है। परेशान अभिभावक एवं विद्यार्थी बोर्ड का चक्कर लगा रहे हैं।
यूपी बोर्ड की ओर से जारी इंटरमीडिएट के अंकपत्र में एक विषय में अनुपस्थित दिखा दिए जाने के बाद छात्राें की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। पहले तो इन छात्रों को एक विषय की परीक्षा में अनुपस्थित दिखाए जाने के बाद उन्हें स्कूल एवं जिले की मेरिट में जगह नहीं मिली, दूसरे अब उच्च कक्षा में प्रवेश को लेकर संकट बना है। बोर्ड कार्यालय पहुंचे छात्रों का कहना है कि प्रयोगात्मक परीक्षा में शामिल होने के बाद भी उन्हें अनुपस्थित कर दिया गया। चित्रकूट से आए रंजीत का कहना था कि उसे केमेस्ट्री के प्रैक्टिकल में परीक्षा में शामिल होने के बाद भी अनुपस्थित कर दिया गया। इस कारण से वह परीक्षा में फेल हो गया। शहर के इंटर कॉलेज से आए राहुल सिंह ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने के बाद भी उसे अलग-अलग दो विषयों में अनुपस्थित दिखा दिया गया।
प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग शुरू हो गई है। प्रवेश के लिए छात्रों को अंकपत्र के अभाव में अपने अवसर से वंचित होना पड़ सकता है। पालीटेक्निक प्रवेश परीक्षा में सफल छात्रों को यह चिंता परेशान किए है कि अधूरी मार्कसीट से उनका प्रवेश कैसे होगा। यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में इन छात्रों की सुनने वाला कोई नहीं है। देश भर में स्नातक कक्षाओं में छात्र-छात्राओं को प्रवेश के लिए अंकपत्र की जरूरत पड़ेगी, इसके लिए बोर्ड की ओर से कोई तैयारी नहीं है। बोर्ड में छात्रों की शिकायत लेकर उन्हें बाद में बुलाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यूपी बोर्ड की ओर से जारी इंटरमीडिएट के अंकपत्र में एक विषय में अनुपस्थित दिखा दिए जाने के बाद छात्राें की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। पहले तो इन छात्रों को एक विषय की परीक्षा में अनुपस्थित दिखाए जाने के बाद उन्हें स्कूल एवं जिले की मेरिट में जगह नहीं मिली, दूसरे अब उच्च कक्षा में प्रवेश को लेकर संकट बना है। बोर्ड कार्यालय पहुंचे छात्रों का कहना है कि प्रयोगात्मक परीक्षा में शामिल होने के बाद भी उन्हें अनुपस्थित कर दिया गया। चित्रकूट से आए रंजीत का कहना था कि उसे केमेस्ट्री के प्रैक्टिकल में परीक्षा में शामिल होने के बाद भी अनुपस्थित कर दिया गया। इस कारण से वह परीक्षा में फेल हो गया। शहर के इंटर कॉलेज से आए राहुल सिंह ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने के बाद भी उसे अलग-अलग दो विषयों में अनुपस्थित दिखा दिया गया।
विज्ञापन
प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग शुरू हो गई है। प्रवेश के लिए छात्रों को अंकपत्र के अभाव में अपने अवसर से वंचित होना पड़ सकता है। पालीटेक्निक प्रवेश परीक्षा में सफल छात्रों को यह चिंता परेशान किए है कि अधूरी मार्कसीट से उनका प्रवेश कैसे होगा। यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में इन छात्रों की सुनने वाला कोई नहीं है। देश भर में स्नातक कक्षाओं में छात्र-छात्राओं को प्रवेश के लिए अंकपत्र की जरूरत पड़ेगी, इसके लिए बोर्ड की ओर से कोई तैयारी नहीं है। बोर्ड में छात्रों की शिकायत लेकर उन्हें बाद में बुलाया जा रहा है।
विज्ञापन