प्रयागराज : शुरू हुई इंदिरा मैराथन रूट की मार्किंग, अब तक 50 ने खरीदा फॉर्म
इंदिरा मैराथन में हिस्सा लेने के लिए अब तक 47 लोगों ने आवेदन पत्र लिए। इनमें दो महिला धावक भी हैं। उप क्रीड़ाधिकारी देवी प्रसाद के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन पत्र लेने वालों की संख्या 12 है। उन्होंने बताया कि 18 नवंबर से क्षेत्रीय खेल कार्यालय में धावकों को इलेक्ट्रानिक चिप बांटा जाएगा।
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इंदिरा मैराथन की तैयारियां तेज हो गई हैं। 19 नवंबर को होने वाली मैराथन के लिए रूट की मार्किंग शनिवार से शुरू कर दी गई है। मैराथन का शुभारंभ आनंद भवन से होगा। समापन मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में होगा। मैराथन के लिए शनिवार को मार्किंग शुरू करने से पहले तकनीकी टीम ने रूट की नापजोख की। इसके बाद आनंद भवन से मार्किंग का काम शुरू हुआ। शनिवार को 15 किमी तक मार्किंग की गई।
जलपान बूथ निर्धारित किया गया। क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी विमला सिंह ने बताया कि धावकों के रजिस्ट्रेशन की संख्या 15 नवंबर के बाद से बढ़ेगी। धावक मैराथन में हिस्सा लेने के लिए एक-दो दिन पहले शहर पहुंचेंगे।
इंदिरा मैराथन में हिस्सा लेने के लिए अब तक 47 लोगों ने आवेदन पत्र लिए। इनमें दो महिला धावक भी हैं। उप क्रीड़ाधिकारी देवी प्रसाद के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन पत्र लेने वालों की संख्या 12 है। उन्होंने बताया कि 18 नवंबर से क्षेत्रीय खेल कार्यालय में धावकों को इलेक्ट्रानिक चिप बांटा जाएगा।
बिना इलेक्ट्रानिक चिप के कोई भी मैराथन का हिस्सा नहीं बन सकेगा। वहीं आयोजकों ने इस बार भी क्रास कंट्री दौड़ नहीं कराने का निर्णय लिया है। क्रास कंट्री दौड़ चार किलोमीटर और दस किलोमीटर की हुआ करती थी। क्रांस कंट्री के न होने से मैराथन में हिस्सा लेने वाले धावकों की संख्या में कमी आ सकती है। क्योंकि मैराथन में हिस्सा लेने के लिए क्रास कंट्री वर्ग का सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन होता था।
सेना के धावकों को मिलेगा सीधा प्रवेश
इंदिरा मैराथन में सेना के धावकों को सीधा प्रवेश मिलेगा। इसके लिए खेल विभाग की ओर से सेना को पत्र भी भेज दिया गया है। सेना के धावक 18 नवंबर की शाम पांच तक अपना रजिस्ट्रेशन कराकर प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं।
ये होगी व्यवस्था
0 निर्धारित रूट पर दवाओं की किट और एंबुलेंस की सुविधा रहेगी
0 मैराथन के दिन रूट को यातायात विभाग नियंत्रित करेगा।
0 रास्ते में जलपान की भी व्यवस्था रहेगी