UPPSC : सपा ही नहीं भाजपा के भी कई विधायक छात्रों के साथ, विरोध में कोई नहीं
भाजपा सांसद प्रवीण पटेल ने भी छात्रों की जायज मांग मानने की बात कही। उनका कहना है कि छात्रों की बात को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनकी जो भी शंकाएं हैं, उसका समाधान क्या हो सकता है इस पर विचार होना चाहिए। वहीं, शहर पश्चिमी से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह का कहना है कि सरकार छात्रों के हितों को लेकर संवेदनशील है।
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पीसीएस व आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा एक शिफ्ट में ही कराने की मांग को लेकर लोकसेवा आयोग पर धरने पर बैठे युवाओं के पक्ष में सपा तथा अन्य विपक्षी दल ही नहीं भाजपा के विधायक भी हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि युवाओं की मांग जायज है। आयोग एक ही दिन परीक्षा कराए। शहर उत्तरी से भाजपा विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी का कहना है कि छात्रों की कोई नाजायज मांग नहीं है। दो शिफ्ट में परीक्षा कराने से कई तरह के सवाल खड़े होते हैं।
कोरांव से भाजपा विधायक राजमणि कोल का स्पष्ट कहना है कि आयोग का निर्णय गलत है। यह कैसा नियम है। यदि परीक्षा के लिए केंद्र नहीं मिल रहे हैं तो ग्रामीण अंचल के स्कूल-कॉलेजों को सेंटर बनाया जाए लेकिन परीक्षा एक शिफ्ट में होनी चाहिए। भाजपा सांसद प्रवीण पटेल ने भी छात्रों की जायज मांग मानने की बात कही। उनका कहना है कि छात्रों की बात को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
उनकी जो भी शंकाएं हैं, उसका समाधान क्या हो सकता है इस पर विचार होना चाहिए। वहीं, शहर पश्चिमी से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह का कहना है कि सरकार छात्रों के हितों को लेकर संवेदनशील है। मैं शहर में नहीं हूं। इसलिए छात्रों के साथ नहीं बैठ पाया हूं। इसलिए उनकी आशंका को लेकर अभी कुछ नहीं कर सकता लेकिन दो चरणों में कई परीक्षाएं होती रही हैं।
करछना के भाजपा विधायक पीयूष रंजन निषाद का कहना है कि इस मामले का समाधान सड़क पर बैठकर नहीं होगा। आयोग के अफसरों को चाहिए कि वह छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाएं और वार्ता कर उचित समाधान निकालें। फाफामऊ से भाजपा विधायक गुरु प्रसाद मौर्य का कहना है कि योगी सरकार प्रतियोगी छात्रों के मामले में संवेदनशील है। निश्चित ही सरकार के स्तर पर उचित समाधान निकाला जाएगा। विपक्ष इस मामले में सिर्फ राजनीति कर रहा है।
बारा से अपना दल के विधायक डॉ. वाचस्पति का कहना है कि सरकार और आंदोलनकारी एक साथ नहीं बैठेंगे तो समाधान कैसे निकलेगा। वहीं, इलाहाबाद से कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह का कहना है कि दो शिफ्ट में परीक्षा का निर्णय वापस लेना चाहिए।
मेजा से सपा विधायक संदीप पटेल का कहना है कि यह छात्रों की वाजिब मांग है। सरकार की नीयत ठीक नहीं है। वह कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए हमेशा से काम रही है। हंडिया से सपा विधायक हाकिम लाल बिंद ने भी एक शिफ्ट में परीक्षा कराने की बात कही। उनका कहना है कि सरकार की यह नीति बिल्कुल गलत है। प्रतापपुर से सपा विधायक विजमा यादव एवं सोरांव की विधायक गीता शास्त्री ने भी युवाओं की मांग का समर्थन किया।