{"_id":"5bdcb883bdec221a020c55c6","slug":"many-hostels-including-pcb-have-lost-the-superintendent","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीसीबी समेत कई हॉस्टलों के अधीक्षक हटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीसीबी समेत कई हॉस्टलों के अधीक्षक हटे
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Updated Sat, 03 Nov 2018 02:25 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीसीबी हॉस्टल में छात्र नेता अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला की हत्या के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन ने हॉस्टलों में बड़ा फेरबदल किया है। इनमें से पांच हॉस्टलों में नए अधीक्षक और चार हॉस्टलों में नए वार्डेन नियुक्त कर दिए गए हैं। इन नए वार्डनों और अधीक्षकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती हॉस्टलों के कमरों को अवैध कब्जे से मुक्त कराना और वैध छात्र को उन कमरों पर कब्जा दिलाना है। माना जा रहा है कि इस फेरबदल के बाद इविवि प्रशासन शिफ्टिंग की कार्रवाई शुरू करेगा।
पीसीबी हॉस्टल के अधीक्षक रहे डॉ. विवेक पांडेय को हटाकर उनकी जगह का मानव विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राहुल पटेल को अधीक्षक बनाया गया है। डॉ. राहुल पटेल अब तक हिंदू हॉस्टल के अधीक्षक थे। हिंदू हॉस्टल में उनकी जगह इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. महेंद्र तिवारी को अधीक्षक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, हिंदू हॉस्टल का वार्डन हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमरेंद्र त्रिपाठी को बनाया गया है।
इसके अलावा जीएन झॉ हॉस्टल का वार्डन हिंदी विभाग के प्रो. संतोष भदौरिया, एसएसएल हॉस्टल का वार्डन हिंदी विभाग के प्रो. शिव प्रसाद शुक्ला और ताराचंद हॉस्टल का वार्डन हिंदी विभाग के प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह को बनाया गया है। ताराचंद हॉस्टल के अधीक्षक पद की जिम्मेदारी हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राकेश सिंह को दी गई है जबकि, इसी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार सिंह को एसएसएल हॉस्टल और डॉ. विनम्र सेन सिंह को डायमंड जुबली हॉस्टल का नया अधीक्षक नियुक्त किया गया है। पीसीबी हॉस्टल के नए अधीक्षक राहुल पटेल को छोड़कर बाकी सभी हॉस्टलों में अधीक्षक या वार्डेन बनाए गए शिक्षक पहली बार यह जिम्मेदारी संभालेंगे। ऐसे में हॉस्टलों में सुधार को लेकर उनके सामने चुनौती और बढ़ गई है।
विज्ञापन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर एवं छात्रावासों में अस्त्र-शस्त्र रखना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे का कहना है कि कोई शस्त्र लाइसेंस धारक शस्त्र लेकर प्रवेश करना चाहता है तो हॉस्टल के अधीक्षक या चीफ प्रॉक्टर से लिखित अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा परिसर या किसी भी हॉस्टल में निरीक्षण में किसी भी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र पाया जाता है तो संबंधित छात्र का नामांकन रद्द करके उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को संस्तुति भेजी जाएगी।
विज्ञापन
पीसीबी हॉस्टल के अधीक्षक रहे डॉ. विवेक पांडेय को हटाकर उनकी जगह का मानव विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राहुल पटेल को अधीक्षक बनाया गया है। डॉ. राहुल पटेल अब तक हिंदू हॉस्टल के अधीक्षक थे। हिंदू हॉस्टल में उनकी जगह इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. महेंद्र तिवारी को अधीक्षक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, हिंदू हॉस्टल का वार्डन हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमरेंद्र त्रिपाठी को बनाया गया है।
विज्ञापन
इसके अलावा जीएन झॉ हॉस्टल का वार्डन हिंदी विभाग के प्रो. संतोष भदौरिया, एसएसएल हॉस्टल का वार्डन हिंदी विभाग के प्रो. शिव प्रसाद शुक्ला और ताराचंद हॉस्टल का वार्डन हिंदी विभाग के प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह को बनाया गया है। ताराचंद हॉस्टल के अधीक्षक पद की जिम्मेदारी हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राकेश सिंह को दी गई है जबकि, इसी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार सिंह को एसएसएल हॉस्टल और डॉ. विनम्र सेन सिंह को डायमंड जुबली हॉस्टल का नया अधीक्षक नियुक्त किया गया है। पीसीबी हॉस्टल के नए अधीक्षक राहुल पटेल को छोड़कर बाकी सभी हॉस्टलों में अधीक्षक या वार्डेन बनाए गए शिक्षक पहली बार यह जिम्मेदारी संभालेंगे। ऐसे में हॉस्टलों में सुधार को लेकर उनके सामने चुनौती और बढ़ गई है।
विज्ञापन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर एवं छात्रावासों में अस्त्र-शस्त्र रखना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे का कहना है कि कोई शस्त्र लाइसेंस धारक शस्त्र लेकर प्रवेश करना चाहता है तो हॉस्टल के अधीक्षक या चीफ प्रॉक्टर से लिखित अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा परिसर या किसी भी हॉस्टल में निरीक्षण में किसी भी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र पाया जाता है तो संबंधित छात्र का नामांकन रद्द करके उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को संस्तुति भेजी जाएगी।