Mankameshwar Mandir : प्रभु श्रीराम के हाथों स्थापित मनकामेश्वर का महाकुंभ में दिखेगा नया रूप
संस्थापनं रघुपति: कृतवांतु यस्य/कामेश्वरस्य मनस: सह राजपुत्र्या / यत्पूजनेन दुरितं विलयं प्रयाति/श्रीशंकरं त्रिनयनं मनसा तमीडे...। प्रयाग महात्म्य शताध्यायी में सर्वकामप्रदीर्थम की महिमा से मंडित यमुना तट स्थित मनकामेश्वर महादेव महाकुंभ की नई आभा से प्रज्जवलित होगा।
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संस्थापनं रघुपति: कृतवांतु यस्य/कामेश्वरस्य मनस: सह राजपुत्र्या / यत्पूजनेन दुरितं विलयं प्रयाति/श्रीशंकरं त्रिनयनं मनसा तमीडे...। प्रयाग महात्म्य शताध्यायी में सर्वकामप्रदीर्थम की महिमा से मंडित यमुना तट स्थित मनकामेश्वर महादेव महाकुंभ की नई आभा से प्रज्जवलित होगा।
मान्यता है कि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम ने वन गमन यात्रा की सफलता के लिए माता सीता और लक्ष्मण के साथ मनकामेश्वर की स्थापना कर सविधि आराधना की थी। इस महाकुंभ में उस मनसा पूरन धाम के दर्शन नए रूप में होंगे। मनकामेश्वर सौंदर्यीकरण परियोजना पर योगी आदित्यनाथ सरकार 6.67 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। यमुना तीरे सरस्वती घाट पर पिशाचमोचन के पश्चिम कामतीर्थ की महिमा सदियों पुरानी है। प्रभु श्रीराम के हाथों स्थापित मनकामेश्वर का आध्यात्मिक महात्म्य इसलिए भी कई गुना अधिक है क्योंकि इस शिवलिंग के आसपास पराअंबा ललितांबिका कामेश्वरी भी विराजमान हैं।
योजना के तहत सात मीटर यमुना की धारा की तरफ मनकामेश्वर का पहली बार विस्तार तटबंध को पाटकर किया जा रहा है। सत्संग हाल के साथ ही श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए रैंप और पत्थर के बेंच तो बनाए ही जा रहे हैं, विद्युत सजावट और भी खास की जा रही है, ताकि यह तीर्थ दूर से ही आस्थावानों को लुभा सके। इस मनकामेश्वर धाम का सौंदर्यीकरण 30 नवंबर तक पूरा होना है, लेकिन अभी 40 फीसदी ही काम हो सका है। ऐसे में अगर निर्माण तेज नहीं किया गया तो महाकुंभ से पहले इस परियोजना को फिनशिंग लाइन तक पहुंचा पाना आसान नहीं होगा।
6.67 करोड़ रुपये की लागत से मनकामेश्वर धाम को संवारने में जुटी योगी सरकार
07 मीटर तक यमुना के तटबंध को पाटकर किया जा रहा है मनकामेश्वर का विस्ता
40 प्रतिशत ही अब तक काम हो सका है पूरा, 30 नवंबर तक हैंडओवर होनी है परियोजना