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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Mahant of Niranjani Akhara sold the monastery for three crores, investigation into Panch Parmeshwar was conduc

Prayagraj : निरंजनी अखाड़े के महंत ने तीन करोड़ में बेचा मठ, बैठाई गई पंच परमेश्वर की जांच

Fri, 08 Nov 2024 02:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 08 Nov 2024 02:46 PM IST
सार

बर्खास्त महंत के खिलाफ एफआईआर के लिए दारागंज थाने में तहरीर दे दी गई है। निरंजनी अखाड़े की संगमनगरी के अलावा गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में अरबों रुपये की भूमि और भवनों की संपदा है।

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Mahant of Niranjani Akhara sold the monastery for three crores, investigation into Panch Parmeshwar was conduc
रविंद्र पुरी महाराज, अध्यक्ष अखाड़ा परिषद। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

महाकुंभ से पहले निरंजनी अखाड़े के एक महंत ने तीन करोड़ रुपये में अलोपीबाग में स्थित मठ का भवन बेच दिया है। भवन का सौदा होने की जानकारी मिलने के बाद पंच परमेश्वर की जांच बैठा दी गई। साथ ही निरंजनी अखाड़े के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने पंच परमेश्वर की रिपोर्ट पर भवन बेचने के आरोपी महंत महावीर गिरि चोटी को अखाड़े से बर्खास्त कर दिया है।

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बर्खास्त महंत के खिलाफ एफआईआर के लिए दारागंज थाने में तहरीर दे दी गई है। निरंजनी अखाड़े की संगमनगरी के अलावा गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में अरबों रुपये की भूमि और भवनों की संपदा है। शहर के अलोपीबाग स्थित भवन संख्या 387/123 को महंत महावीर गिरि चेला लक्ष्मी नारायण गिरि ने वाराणसी की अस्सी निवासिनी रितिका पांडेय के नाम तीन करोड़ रुपये में बेच दिया है। इस भवन पर महंत महावीर गिरि के साथ ही महंत आनंद गिरि का भी नाम दर्ज था।

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लेकिन, महावीर गिरि ने फर्जी वसीयतनामा बनवाकर और महंत आनंद गिरि को रिकॉर्ड में मृतक दिखाकर भवन का सौदा कर डाला। पंच परमेश्वर की रिपोर्ट के मुताबिक जब यह भवन महंत महावीर गिरि ने बेचा, तब आनंद गिरि जीवित थे। जबकि, महंत आनंद गिरि ने उस भवन के अलावा अन्य भवन और भूमि का अपने शिष्य महंत राम सेवक गिरि के नाम से रजिस्टर्ड वसीयतनामा कर पहले ही कर दिया था। अलोपीबाग का भवन बिकने की जानकारी मिलने के बाद महंत राम सेवक गिरि ने दारागंज थाने में महंत महावीर गिरि के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी है।

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उधर, अलोपीबाग में मठ बिकने की जानकारी मिलने के बाद पंचायती अखाड़ा निरंजनी की कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई। निरंजनी अखाड़े के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में महंत महावीर गिरि को भवन बेचने के आरोप में अखाड़े से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। साथ ही महावीर गिरि को निरंजनी अखाड़े की सभी मढि़यों और संपत्तियों से बेदखल करने का भी निर्णय लिया गया।

इस बैठक में बलबीर गिरि,दिगंबर उमेश भारती, दिगंबर गंगा गिरि, दिगंबर राकेश गिरि, महंत ओंकार गिरि, महंत नरेश गिरि और महंत रवींद्र पुरी शामिल थे। महंत महावीर गिरि को अलोपीबाग में एक संत को मृतक दिखाकर अखाड़े का भवन बेचने का दोषी पाया गया है। इस मामले में महंत महावीर गिरि को अखाड़े से बर्खास्त कर दिया गया है। महंत रवींद्र पुरी, अध्यक्ष- पंचायती अखाड़ा निरंजनी।

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