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श्रीराम की कैबिनेट का हिस्सा थे मुस्लिम, प्रखर महाराज ने असदुद्दीन ओवैसी का किया बखान
Sun, 20 Jan 2019 05:58 PM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 20 Jan 2019 05:58 PM IST
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महामंडलेश्वर प्रखर महाराज
विश्व हिंदू परिषद के शिविर में भले ही हिंदुत्व के एजेंडे को लेकर धमाचौकड़ी मची हो, कुंभ क्षेत्र में ऐसे कई संत पहुंचे हैं, जो देश के मुसलमानों को भी भारत की सनातन संस्कृति का हिस्सा मानते हैं।
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प्रखर परोपकार मिशन के प्रमुख महामंडलेश्वर प्रखर महाराज का कहना है कि मुस्लिम श्रीराम के समय से सनातन संस्कृति के साथ जुड़े हैं। अपने शिविर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच उन्होंने बताया कि यमन भगवान श्रीराम की कैबिनेट का हिस्सा थे। उस समय के यमन ही आज के हिंदुस्तानी मुस्लिम हैं। राम के राज्य में यमनों को लेकर प्रजा में कभी भी वैमनस्यता नहीं रही है।
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उसी तरह से भारत एक प्रजातंत्र देश है, इसमें भी मुसलमानों को लेकर किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। लेकिन यदि कोई देश के विषय में गलत बात कहता है और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाता है तो उसकी सजा फांसी से कम नहीं होनी चाहिए। चाहे वह हिंदू हो या फिर मुसलमान।
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उन्होंने कहा कि श्रीराम के काल मे मंथरा ने कोऊ नृप होई कहकर उनकी सत्ता को लेकर सवाल उठाया था, इसके बावजूद राम ने उन्हें ना तो कोर्ई सजा दी ना ही उनके कथन पर सवाल उठाया। राम ने मंथरा को सम्मान देते हुए उनकी जिज्ञासा शांत की थी। प्रखर महाराज ने कहा कि भारत जैसे प्रजातांत्रिक देश में किसी को भी अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है।
जो लोग धर्म, जाति को लेकर वोट की राजनीति करते हैं, उनकी वजह से ही आपस मेें टकराव पैदा हो रहा है। प्रखर महाराज ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के भारत विरोधी बयान का पलटवार करने वाले असदुद्दीन ओवैसी का भी बखान किया। कहा कि किसी भी हिंदू नेता ने इस पर अपनी बात नहीं रखी। यह चिंतनीय है।