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Mahakumbh :  चार तहसीलों के 72 गावों की छह हजार हेक्टेयर भूमि पर बसेगा महाकुंभ, भूमि अधिग्रहण आरंभ

Sun, 07 Jul 2024 11:29 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 07 Jul 2024 11:29 AM IST
सार

इस बार 58 दिन के महाकुंभ में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने के अनुमान को देखते हुए बसावट के लिए क्षेत्रफल का विस्तार किया गया है। इसके लिए चार तहसीलों सदर तहसील, फूलपुर तहसील, सोरांव तहसील और करछना तहसील के 72 गांवों की छह हजार हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जाएगी।

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Mahakumbh will be situated on six thousand hectares of land of 72 villages of four tehsils
कुंभ मेला, प्रयागराज। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

संगम की रेती पर विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम के रूप में महाकुंभ बसाने के लिए चार तहसीलों के 72 गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। मेला बसाने के लिए कुल छह हजार हेक्टेयर भूमि ली जाएगी। इसमें आठ सौ हेक्टेयर भूमि सेना की भी शामिल है। किसानों से ली जाने वाली भूमि के प्रतिकर निर्धारण के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। वर्ष 2019 के कुंभ में इन तहसीलों के 49 गांवों की भूमि अधिग्रहीत की गई थी।

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इस बार 58 दिन के महाकुंभ में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने के अनुमान को देखते हुए बसावट के लिए क्षेत्रफल का विस्तार किया गया है। इसके लिए चार तहसीलों सदर तहसील, फूलपुर तहसील, सोरांव तहसील और करछना तहसील के 72 गांवों की छह हजार हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। चारों तहसीलों के उप जिलाधिकारियों के साथ मेला प्रशासन की बैठक भूमि अधिग्रहण के मसले पर हो चुकी है। किसानों की खतौनियों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। भूमि के मुआवजे को लेकर मेला प्राधिकरण, सेना और जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रभावित किसानों को आकलन के आधार पर फसली प्रतिकर दिया जााएगा।

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कुल छह हजार हेक्टेयर भूमि पर महाकुंभ की परिकल्पना को मूर्तरूप दिया जाएगा। अब तक के ले आउट के मुताबिक 25 सेक्टर में बसने वाले इस महाकुंभ की बसावट चार हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में होगी। जबकि, 1900 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पार्किंग बनाई जाएगी। इसमें आठ सौ हेक्टेयर भूमि सेना से ली जाएगी। इसी के अनुसार चकर्ड प्लेट सड़कें, बिजली, पेयजल और सफाई की व्यवस्था की जा रही है। पिछले कुंभ की अपेक्षा इस बार महाकुंभ के क्षेत्रफल का लगभग डेढ़ गुना ज्यादा विस्तार किया जा रहा है। पिछली बार 3200 हेक्टेयर में 20 सेक्टर में माल बसाया गया था।

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सौ से अधिक पार्किंग स्थल, सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम
 

25 सेक्टर में विभाजित होने वाले महाकुंभ में प्रवेश के लिए गंगा पर 30 पांटून पुल बनाए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 25 थाने, 70 पुलिस चौकियां, 82 अग्निशमन केंद्र बनाए जाएंगे। दो लाख वाहनों की क्षमता वाले 100 से अधिक पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। 45 से अधिक स्नान घाटों पर श्रद्धालु महाकुंभ में पुण्य की डुबकी लगाएंगे।
 

पहली बार पोलो ग्राउंड के भी अधिग्रहण का प्रस्ताव
 

पहली बार मेला प्रशासन ने हाईकोर्ट के पास स्थित पोलो ग्राउंड के भी अधिग्रहण का प्रस्ताव सेना को भेजा है। शहर के भीतर महाकुंभ से जुड़ी गतिविधियों को पोलो ग्राउंड में प्रदर्शित करने की योजना है।

 

महाकुंभ-2025 की तैयारियों को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बार छह हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। 1900 हेक्टेयर में पार्किंग का निर्माण कराया जाएगा। किसानों को भूमि के बदले प्रतिकर दिया जाएगा। - विजय किरन आनंद, महाकुंभ मेलाधिकारी

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