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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Mahakumbh: Lauren Powell Jobs fell ill during Kalpavas, could not take a holy dip on the Amrit Snan festival.

Mahakumbh : कल्पवास में बीमार पड़ीं लॉरेन पॉवेल जॉब्स, अमृत स्नान पर्व पर नहीं लगा सकीं पुण्य की डुबकी

Wed, 15 Jan 2025 12:48 PM IST
विनोद सिंह अनूप ओझा, अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
अनूप ओझा, अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 15 Jan 2025 12:48 PM IST
सार

कल्पवास के लिए आईं अमेरिका की अरबपति महिला उद्यमी लॉरेन पॉवेल जॉब्स बीमार पड़ गई हैं। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने बताया कि लॉरेन के हाथ में चकत्ते पड़ गए हैं। इस वजह से वह अमृत स्नान नहीं कर सकीं।

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Mahakumbh: Lauren Powell Jobs fell ill during Kalpavas, could not take a holy dip on the Amrit Snan festival.
लाॅरेन पाॅवेल जाॅब्स। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कल्पवास के लिए आईं अमेरिका की अरबपति महिला उद्यमी लॉरेन पॉवेल जॉब्स बीमार पड़ गई हैं। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने बताया कि लॉरेन के हाथ में चकत्ते पड़ गए हैं। इस वजह से वह अमृत स्नान नहीं कर सकीं।

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संगम की रेती पर कड़ाके की ठिठुरन और बिगड़े मौसम के बीच उनकी बीमारी की वजह एलर्जी सामने आई है। फिलहाल वह सेक्टर नौ में गंगेश्वर मार्ग पर स्थित अपने गुरु कैलाशानंद के शिविर में कल्पवास कर रहीं हैं। वह मकर संक्रांति पर संगम में डुबकी लगाने वाली थीं। लॉरेन की डुबकी का विश्व मीडिया को बेसब्री से इंतजार था। उनकी डुबकी के क्षणोें को कैमरे में कैद करने के लिए कैमरामैन उनकी राह तकते रहे।

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कैलाशानंद के रथ पर कई विदेशी शिष्याएं थीं, लेकिन जॉब्स नहीं थीं। पूछने पर बताया गया कि वह अचानक बीमार पड़ गई हैं। कैलाशानंद ने बताया कि लॉरेन शिविर की यज्ञशाला में यज्ञ, हवन, पूजन और अभिषेक में हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने इतनी भीड़ कभी नहीं देखी थी। कैलाशानंद के मुताबिक भारतीय सनातनी परंपरा अलौकिक है, इसी वजह से वह सनातन से जुड़ना चाहती हैं।

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लॉरेन ने स्वामी कैलाशानंद को अपना गुरु बनाया है। वह पौष पूर्णिमा से ही यहां कल्पवास कर रही हैं। लॉरेन को स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कमला नाम और अपना गोत्र भी दिया है। नया नाम और गोत्र देने की वजह पूछने पर वह बताते हैं कि ऐसा इसलिए किया गया, ताकि लॉरेन यहां होने वाले कल्पवास के धार्मिक अनुष्ठानों और कर्मकांडों में शामिल हो सकें।

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