Mahakumbh : महाकुंभ की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रहे विदेशी पर्यटक, अग्नि अखाड़े महामंडेलेश्वर से की मुलाकात
विदेशी सैलानी नागा साधु ही नहीं, बल्कि महाकुंभ की व्यवस्थाओं का भी अध्ययन कर रहे हैं। पहले ये उनके रहस्यमय जीवन को जानने के लिए आते थे।
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विदेशी सैलानी नागा साधु ही नहीं, बल्कि महाकुंभ की व्यवस्थाओं का भी अध्ययन कर रहे हैं। पहले ये उनके रहस्यमय जीवन को जानने के लिए आते थे। लेकिन, इस बार विदेशी सैलानी महाकुंभ की स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और संपूर्ण आयोजन प्रबंधन का अध्ययन कर रहे हैं।
महाकुंभ में पहले से कहीं ज्यादा विदेशी सैलानी पहुंचे और भारतीय संस्कृति को नजदीक से देखा। अग्नि अखाड़े के सचिव महामंडलेश्वर संपूर्णानंद ने बताया कि इस बार कई विदेशी पर्यटक आए हैं। उन्होंने यहां ब्रह्मचारी जीवन और गृहस्थ जीवन के अंतर को करीब से जाना और समझा। वहीं, अफ्रीका के घाना से आए जितेंद्र सिंह नेगी (उच्चायोग अफेयर्स) ने बताया कि उनके पूर्वज भारत से घाना गए थे। प्रयागराज आकर उन्हें सनातन धर्म की अद्भुत जानकारी मिली।
उन्होंने कहा कि हमने पहली बार गुरुजी (अग्नि अखाड़ा महामंडलेश्वर संपूर्णानंद) से मुलाकात कर सनातन धर्म के गूढ़ रहस्यों को समझा। हमारे साथ 16 अन्य प्रतिनिधि भी आए, जिन्होंने भारतीय संस्कृति को गहराई से जाना। एनआरआई अंकिता उपाध्याय ने कहा कि हमने महाकुंभ के बारे में जो सुना था, उससे कहीं अधिक यहां आकर देखा और महसूस किया। व्यवस्थाओं की सुगमता और संगम की आध्यात्मिक ऊर्जा ने हमें नई अनुभूति दी है। प्रशासन के अनुसार महाकुंभ-2025 में अब तक 50 से अधिक देशों के सैलानी आ चुके हैं।