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Mahakumbh : अखाड़ों ने सादगी सेे संगम में लगाई पुण्य की डुबकी, ईष्टदेव और धर्मध्वजा का कराया गया स्नान

Wed, 29 Jan 2025 07:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 29 Jan 2025 07:54 PM IST
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Mahakumbh: Akharas took a holy dip in the Sangam with simplicity, Ishtadev and Dharmadhwaja were bathed.
मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर संगम में डुबकी लगाते संत। - फोटो : अमर उजाला।

संगम तट पर तड़के हुए हादसे को देखते हुए शैव, बैरागी एवं उदासीन अखाड़ों ने बेहद सादगी के साथ अमृत स्नान में हिस्सा लिया। तयशुदा समय से करीब पांच घंटे विलंब से आचार्य महामंडलेश्वर की अगुवाई में अखाड़ों के साधु-संतों ने छावनी से निकलकर त्रिवेणी में डुबकी लगाई। सबसे पहले अखाड़ों ने अपने ईष्टदेव को स्नान कराया। उसके बाद अखाड़े के निशान समेत धर्मध्वजा को भी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्नान कराया। धर्म के जयकारों के बीच अखाड़ों के साधु-संतों ने नागा संन्यासियों के साथ पुण्य की डुबकी लगाई।

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मौनी अमावस्या पर मंगलवार तड़के करीब चार बजे से अखाड़ों का अमृत स्नान आरंभ होना था। करीब साढ़े तीन बजे महानिर्वाणी अखाड़े के साथ श्रीशंभू पंचायती अटल अखाड़ा के साधु-संत एवं नागा संन्यासी सज-धजकर स्नान करने के लिए निकल पड़े। करीब पांच सौ मीटर दूर पहुंचने पर अखाड़ा सचिव श्रीमहंत जमुनापुरी को प्रशासन ने संगम के पास हादसे की सूचना दी। इसके बाद अखाड़ा पदाधिकारियों ने लौटने का फैसला कर लिया। श्रीपंचायती निरंजनी अखाड़ा, जूना अखाड़ा ने भी अपनी-अपनी छावनी में चल रही स्नान की तैयारियां रोक दीं।

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Mahakumbh: Akharas took a holy dip in the Sangam with simplicity, Ishtadev and Dharmadhwaja were bathed.
जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने संगम में अमृत स्नान किया। - फोटो : अमर उजाला।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने अन्य पदाधिकारियों को भी छावनी में बुला लिया। मेला प्रशासन के आला-अफसर भी पहुंच गए। कई घंटे चली मंत्रणा के बाद अखाड़े सादगी से स्नान पर राजी हो गए। इसके बाद अखाड़ों के क्रम से मुताबिक वरिष्ठ पदाधिकारियों समेत साधु-संतों ने बिना ढोल बाजे एवं शाही सवारी के ही त्रिवेणी में डुबकी लगाई।

सुबह करीब साढ़े दस बजे महानिर्वाणी अखाड़े के बाद श्रीनिरंजनी अखाड़े से आचार्य पीठाधीश्वर कैलाशानंद गिरि की अगुवाई में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पुरी, सचिव श्रीमहंत रामरतन, ओमकार गिरि, राधे गिरि समेत अन्य साधु-संतों ने नागा संन्यासियों के साथ त्रिवेणी में डुबकी लगाई। आनंद अखाड़े ने भी आचार्य पीठाधीश्वर बालकानंद गिरि की अगुवाई में अमृत स्नान किया। तीसरे क्रम में जूना अखाड़े के साथ अग्नि एवं आवाहन अखाड़े के साधु-संत भगवान दत्तात्रेय के जयकारे लगाते हुए पहुंचे। आचार्य पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरि की अगुवाई में वैदिक रीति से अखाड़े की धार्मिक क्रियाएं कराई गईं।

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