Mahakumbh : संगम समेत 50 स्नानघाटों पर 330 डीप डाइवर तैनात, हादसा रोकने के लिए हाईटेक प्रबंध
स्नानार्थियों को हादसे से बचाने के लिए जल पुलिस को हाईटेक उपकरणों से भी लैस किया गया है। अलग-अलग टीमों को 440 लाइफबॉय सौंपे गए हैं। 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम यह उपकरण 200 मीटर की दूरी से डूबते व्यक्ति को सकुशल बाहर निकाल लाएंगे।
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महाकुंभ में स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए शनिवार से ही 50 स्नान घाटों पर 330 डीप डाइवर्स की तैनाती कर दी गई। यह स्नान के दौरान किसी भी हादसे की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करेंगे। साथ ही 11 एफआरपी, चार एनाकोंडा बोट के अलावा चार वाटर एंबुलेंस भी तैनात कर दी गई हैं।
पर्व के दो दिन पहले शनिवार को ही जल पुलिस की ओर से बनाई गई जल यातायात व सुरक्षा योजना लागू कर दी गई। संगम से लेकर अन्य सभी स्नान घाटों पर डीप डाइवर्स तैनात किए गए हैं। इनमें से 130 पुलिस व अन्य फोर्स, जबकि 200 प्राइवेट गोताखोर हैं। यह बिना ऑक्सीजन सिलिंडर के नदी में गहराई तक जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में सक्षम हैं।
इसके अलावा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ साथ ही पीएसी बाढ़ राहत दल की 10 कंपनियों के करीब 3800 जवान ड्यूटी के लिए बुलाए गए हैं। यह शनिवार से अलग-अलग घाटों पर शिफ्टवार 24 घंटे ड्यूटी देंगे। एसएसपी कुंभ राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि जल यातायात योजना लागू कर दी गई है। जल में स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए पुख्त प्रबंध किए गए हैं।
440 लाइफबॉय, 25 रिचार्जेबेल लाइटें
स्नानार्थियों को हादसे से बचाने के लिए जल पुलिस को हाईटेक उपकरणों से भी लैस किया गया है। अलग-अलग टीमों को 440 लाइफबॉय सौंपे गए हैं। 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम यह उपकरण 200 मीटर की दूरी से डूबते व्यक्ति को सकुशल बाहर निकाल लाएंगे। इसके अलावा 25 रिचार्जेबल मोबाइल रिमोट एरिया लाइटिंग सिस्टम की भी व्यवस्था की गई है। इन लाइटों से शाम के बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा सकेगा।
नदी में तीन पुलिस चौकियां, दो फ्लोटिंग रेस्क्यू स्टेशन
जल यातायात योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए नदी में तीन पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। यह पुलिस चौकियां संगम, अरैल व झूंसी में बनाई गई हैं। इसके अलावा हादसे की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को त्वरित राहत पहुंचाने के लिए दो फ्लोटिंग रेस्क्यू स्टेशन भी बनाए गए हैं। ये 24 घंटे फंक्शनल रहेंगे, जिसमें प्राथमिक चिकित्सा की भी व्यवस्था होगी। इसके अलावा जल यातायात के लिहाज से पूरे क्षेत्र को तीन जोन में बांटा गया है।