अबकी चुनौतियों से भरा होगा संगम की रेती पर माघ मेला बसाना
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माघ मेला-2021 की सैद्धांतिक सहमति तो मिल गई है, लेकिन कम समय में तंबुओं की नगरी बसाना इस बार प्रशासन के लिए चुनौतियों से भरा होगा। कोविड-19 की वजह से देर से मेले पर निर्णय होने की वजह से इस बार तैयारियां दो माह पिछड़ गई हैं। रविवार को अवकाश के बावजूद भूमि समतलीकरण के लिए टेंडर कराया गया। नौ नवंबर को निविदा खोली जाएगी। नगर विकास विभाग के अफसरों के साथ सोमवार को माघ मेले की योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसी के साथ पांटून पुल, सड़क, बिजली, पानी, चिकित्सा संबंधी इंतजामों के लिए टेंडर प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी।
संगम की रेती पर 538 हेक्टेयर में बसने वाले इस मेले के लिए भूमि की पैमाइश भी जारी रही। उधर, परेड मैदान स्थित प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय में रविवार को भूमि समतलीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई। इस बार चार सेक्टर में मेला बसाया जाना है। इसके लिए गंगा के दोनों तटों पर भूमि समतलीकरण के लिए 40 से अधिक ट्रैक्टर लगाए जाएंगे। नौ नवंबर को समतलीकरण की निविदा खोली जाएगी। मेला क्षेत्र में सफाई के लिए भी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।