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अबकी चुनौतियों से भरा होगा संगम की रेती पर माघ मेला बसाना

Mon, 02 Nov 2020 12:53 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 02 Nov 2020 12:53 AM IST
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Magh Mela will be set up at Sangam Reti to be full of challenges this time
prayagraj news - फोटो : prayagraj

माघ मेला-2021 की सैद्धांतिक सहमति तो मिल गई है, लेकिन कम समय में तंबुओं की नगरी बसाना इस बार प्रशासन के लिए चुनौतियों से भरा होगा। कोविड-19 की वजह से देर से मेले पर निर्णय होने की वजह से इस बार तैयारियां दो माह पिछड़ गई हैं। रविवार को अवकाश के बावजूद भूमि समतलीकरण के लिए टेंडर कराया गया। नौ नवंबर को निविदा खोली जाएगी। नगर विकास विभाग के अफसरों के साथ सोमवार को माघ मेले की योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसी के साथ पांटून पुल, सड़क, बिजली, पानी, चिकित्सा संबंधी इंतजामों के लिए टेंडर प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी।

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संगम की रेती पर 538 हेक्टेयर में बसने वाले इस मेले के लिए भूमि की पैमाइश भी जारी रही। उधर, परेड मैदान स्थित प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय में रविवार को भूमि समतलीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई। इस बार चार सेक्टर में मेला बसाया जाना है। इसके लिए गंगा के दोनों तटों पर भूमि समतलीकरण के लिए 40 से अधिक ट्रैक्टर लगाए जाएंगे। नौ नवंबर को समतलीकरण की निविदा खोली जाएगी। मेला क्षेत्र में सफाई के लिए भी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

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Magh Mela will be set up at Sangam Reti to be full of challenges this time
prayagraj news - फोटो : prayagraj
वैसे इस बार गंगा में कटान न होने की वजह से मेला प्रशासन को टेंटनगरी बसाने में सहूलियत तो मिलेगी, लेकिन समय कम होने की वजह से चुनौतियां ज्यादा हैं। साथ ही कोविड-19 की गाइड लाइन में मेला बसाना और भी टेढ़ी खीर लग रहा है। इससे पहले अगस्त माह से ही माघ मेले की तैयारियां आरंभ हो जाया करती थीं। मेले के स्वरूप के निर्धारण के साथ लिए पांटून पुलों, सड़कों, बिजली, पानी की पाइप लाइनों के लिए टेंडर करा लिए जाते थे, लेकिन इस बार अभी तक तैयारी के नाम पर कुछ भी नहीं हो सका है।

बच्चों और बुजुर्गों को माघ मेला में न लाएं: महंत नरेंद्र गिरि

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने संगम की रेती पर माघ मेला बसाने की तैयारियां तेज करने के साथ ही संतों और भक्तों से संयम बरतने की अपील की है। रविवार को उन्होंने कहा कि सदियों पुरानी माघ मेले की परंपरा को कोविड-19 के बीच बचाने का साहस दिखाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार बधाई की पात्र है। ऐसे में संतों-भक्तों का भी कर्तव्य बनता है कि वह कम संख्या में मेले में आएं। खास तौर से बुजुर्गों और बच्चों को माघ मेला में ले कर न आने की उन्होंने अपील की है।

भूमि सुविधाओं के लिए आज मेला प्रशासन से मिलेगा किन्नर अखाड़ा

माघ मेला में भूमि व सुविधाओं के लिए किन्नर अखाड़ा सोमवार को माघ मेला प्रशासन से मिलेगा। अखाड़े की पीठाधीश्वर कौशल्यानंद गिरि उर्फ टीना मां प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय में प्रभारी मेलाधिकारी से मिलेंगी।
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