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माघ मेला: संतों-पुरोहितों ने हरिश्चंद्र मार्ग पर पुल के लिए उठाई आवाज

Fri, 03 Dec 2021 09:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 03 Dec 2021 09:46 PM IST
सार

आईट्रिपलसी सभागार में हुई सलाहकार समिति की बैठक में अचार्यबाड़ा,दंडीबाड़ा के संतों, महंतों के अलावा प्रयागवाल तीर्थपुरोहितों ने माघ मेले में से जुड़ी समस्याओं और मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा उठाया।

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Magh Mela: Saints and priests raised their voice for the bridge on Harishchandra Marg
Prayagraj News : माघ मेला को लेकर जिला प्रशासन के साथ साधु-संतों की बैठक हुई। - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

माघ मेला सलाहकार समिति की बैठक में शुक्रवार को आचार्यबाड़ा, दंडीबाड़ा के साधु-संतों और तीर्थपुरोहितों ने उत्तर दिशा में मेला विस्तार को देखते हुए हरिश्चंद्र मार्ग पर छठवां पांटून पुल बनाने के लिए आवाज उठाई। धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों का कहना था कि जिस तरह कटान से मेले का बड़ा क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है,उससे मेले का विस्तार करने के साथ ही एक और पुल बनाने के अलावा कोई चारा नहीं है। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिकॉन केे खतरे को देखते हुए प्रोटोकॉल के तहत मेला बसाने पर चर्चा हुई। भूमि समतलीकरण के लिए ट्रैक्टर की संख्या बढ़ाने और समय रहते बिजली, पानी, चिकित्सा और सफाई इंतजामों को पूरा करने की हिदायत दी गई।

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आईट्रिपलसी सभागार में हुई सलाहकार समिति की बैठक में अचार्यबाड़ा,दंडीबाड़ा के संतों, महंतों के अलावा प्रयागवाल तीर्थपुरोहितों ने माघ मेले में से जुड़ी समस्याओं और मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा उठाया। इस दौरान अफसरों ने बताया कि महावीर मार्ग, सरस्वती मार्ग और अक्षयवट मार्ग पर कटान की वजह से दर्जनों संस्थाओं की भूमि गंगा में विलीन हो गई है। ऐसी संस्थाओं को दूसरे सेक्टरों में बसाने पर चर्चा की गई। साथ ही यह भी कहा गया कि कटान की वजह से कम हुई भूमि का दायरा सेक्टर पांच की ओर बढ़ाना पड़ेगा।
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ऐसे में हरिश्चंद्र मार्ग पर एक और पांटून पुल का निर्माण कराया जना चाहिए। इस पर डीएम संजय खत्री और मेलाधिकारी शेषमणि पांडेय का कहना था कि इसके लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। अगर बजट मिला तो हरिश्चंद्र मार्ग पर पुल का निर्माण कराया जाएगा। ताकि संतों, भक्तों और कल्पवासियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना न करना पड़े। डीएम ने भूमि आवंटन पर संतसमाज को भरोसा दिलाया कि इसके लिए भूमि की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा। इस मौके पर सीडीओ शिपू गिरि, एसपी सिटी दिनेश कुमार भी मौजूद थे। 

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कल्पवासियों के लिए खुलेंगी राशन की दुकानें

माघ मेले में आने वाले संतों और कल्पवासियों के लिए सरकारी कोटे की दुकानें खोली जाएंगी। वहां से कल्पवासी राशन की उठान कर सकेंगे। महिलाओं के लिए घाटों पर चेंजिंग रूम स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही रैन बसेरों को भी खोला जाएगा, ताकि मेले में आने वाले गरीब रातें गुजार सकें।

वैक्सीन की दूसरी डोज लेने का प्रमाण पत्र साथ में लाना अनिवार्य

माघ मेले में आने वाले साधु-संतों, कल्पवासियों को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने का सर्टिफिकेट साथ लाना होगा। डीएम ने संत समाज के अलावा धार्मिक, सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों से अपील की कि मेले में आने वाले लोगों से डबल डोज के टीके का प्रमाण पत्र और आरटीपीसीआर रिपोर्ट साथ लाने के लिए बता दिया जाए।

बेहतर संचार व्यवस्था के लिए लगाए जाएं टॉवर

डीएम ने माघ मेले में पेयजल, एलपीजी गैस सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने मेला क्षेत्र में बेहतर संचार व्यवस्था बनाए रखने के उपायों पर भी चर्चा की। कहा उचित संचार व्यवस्था के लिए अधिक मात्रा में टॉवर मेला क्षेत्र में स्थापित कराए जाएं, ताकि नेटवर्क की समस्या न आने पाए।

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