Magh Mela prayagraj : आचार्यबाड़ा में असहमति के बीच बांटी गई जमीन
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माघ मेले में समूहों में बसने वाली आध्यात्मिक संस्था आचार्यबाड़ा के संतों में सहमति न बन पाने की वजह से शनिवार को मेला प्रशासन ने भूमि आवंटन कर दिया। दोनों धड़ों के संतों की मौजूदगी में भूमि वितरण तो कर दिया गया, लेकिन नक्शा न होने की वजह से विवाद बढ़ गया। दूसरे धड़े के संतों ने बिना नक्शा के भूमि वितरण करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि मनमाना रकबा आवंटित किया गया है। वैष्णव प्रबंध समिति के संतों को भूमि कहां और कितनी दी गई है, इसका पता ही नहीं है। ऐसे में स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो संत सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे।
83 फर्जी संस्थाओं को निरस्त करने की रामानुजनगर प्रबंध समिति की ओर से पहले ही मांग की जा चुकी है। एक व्यक्ति के नाम से कई संस्थाएं होने की भी बात कही गई है। ऐसे में शुक्रवार को सूची तय न होने की वजह से भूमि वितरण नहीं हो सका था। शनिवार को भी जब दोनों धड़ों के संतों में सहमति नहीं बन सकी तब मेला प्रशासन ने आचार्यबाड़ा के संतों को 90 बीघा भूमि का वितरण कर दिया।