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Magh Mela 2021: संगम तट पर लगेगा माघ मेला, सीएम योगी ने साधु-संतों से किया वादा
Sat, 12 Sep 2020 11:10 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 12 Sep 2020 11:10 AM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला
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संगम की रेती पर संतों-भक्तों के समागम वाले माघ मेले की परंपरा कोविड-19 की वजह से नहीं टूटने पाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों और संतों केप्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान यह भरोसा दिलाया। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के मुताबिक सीएम ने गाइड लाइन के तहत माघ मेला कराने का आश्वासन दिया है।
कोविड-19 की वजह से इस बार माघ मेले की तैयारियां अब तक शुरू न होने से इस बड़े धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन को लेकर संतों-भक्तों और तीर्थपुरोहितों ने परंपरा बचाने के लिए सीएम से कई बार गुहार लगाई थी। वैसे भी पहले सितंबर से पूर्व ही पांटून पुलों, चकर्ड प्लेट मार्गों और तंबुओं का नगर बसाने के लिए ठेके हो जाते थे, वहीं इस बार अभी तक टेंडर प्रक्रिया तक आरंभ नहीं हो सकी है।
गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर सदियों से लगने वाले माघ मेले को लेकर छाए अनिश्चय के बादल शुक्रवार को छटने लगे। इस आध्यात्मिक और सांस्कृति महत्व वाले मेले को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद केअध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, महामंत्री महंत हरि गिरि, महंत धर्मदास, महंत राजेंद्र दास, महंत नीलकंठ गिरि, महंत आशुतोष गिरि एवं अन्य सदस्यों ने शुक्रवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से माघ मेला -2021 के आयोजन को कराने केअलावा पौराणिक प्रयागराज परिक्रमा के बारे में विस्तार से वार्ता की।
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परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अश्वासन दिया है कि माघ मेला अपने समय पर ही होगा। प्रयागराज परिक्रमा को भी कराया जाएगा। महंत ने बताया कि अखाड़ा परिषद ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया है कि माघ मेले के दौरान कोरोना महामारी को लेकर जो भी सरकार का दिशा-निर्देश होगा, संत -महात्मा एवं भक्त उसका पालन करेंगे । मुख्यमंत्री से मिलने के बाद साधु-संतों ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से भी मुलाकात की और माघ मेले के अलावा अशोक सिंघल की याद में अयोध्या में कीर्ति स्तंभ बनाए जाने को लेकर चर्चा की।
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कोविड-19 की वजह से इस बार माघ मेले की तैयारियां अब तक शुरू न होने से इस बड़े धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन को लेकर संतों-भक्तों और तीर्थपुरोहितों ने परंपरा बचाने के लिए सीएम से कई बार गुहार लगाई थी। वैसे भी पहले सितंबर से पूर्व ही पांटून पुलों, चकर्ड प्लेट मार्गों और तंबुओं का नगर बसाने के लिए ठेके हो जाते थे, वहीं इस बार अभी तक टेंडर प्रक्रिया तक आरंभ नहीं हो सकी है।
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गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर सदियों से लगने वाले माघ मेले को लेकर छाए अनिश्चय के बादल शुक्रवार को छटने लगे। इस आध्यात्मिक और सांस्कृति महत्व वाले मेले को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद केअध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, महामंत्री महंत हरि गिरि, महंत धर्मदास, महंत राजेंद्र दास, महंत नीलकंठ गिरि, महंत आशुतोष गिरि एवं अन्य सदस्यों ने शुक्रवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से माघ मेला -2021 के आयोजन को कराने केअलावा पौराणिक प्रयागराज परिक्रमा के बारे में विस्तार से वार्ता की।
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परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अश्वासन दिया है कि माघ मेला अपने समय पर ही होगा। प्रयागराज परिक्रमा को भी कराया जाएगा। महंत ने बताया कि अखाड़ा परिषद ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया है कि माघ मेले के दौरान कोरोना महामारी को लेकर जो भी सरकार का दिशा-निर्देश होगा, संत -महात्मा एवं भक्त उसका पालन करेंगे । मुख्यमंत्री से मिलने के बाद साधु-संतों ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से भी मुलाकात की और माघ मेले के अलावा अशोक सिंघल की याद में अयोध्या में कीर्ति स्तंभ बनाए जाने को लेकर चर्चा की।