High Court : कोर्ट में पेश हुए माघ मेला अधिकारी, कहा- खतरनाक झूलों से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे
इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रयागराज माघ मेला अधिकारी दयानंद प्रसाद हाजिर हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि झूलों की खतरनाक स्थितियों और सावधानियों से संबंधित पोस्टर मेले में लगाकर लोगों को जागरूक करेंगे।
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प्रयागराज माघ मेला अधिकारी दयानंद प्रसाद रविवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि खतरनाक झूलों के बारे में वह में मेले में लोगों को बताएंगे और झूलों की खतरनाक स्थितियों और साधवधानियों के बारे में मेले में जगह-जगह पोस्टर लगाकर जनता को जागरूक करने का कार्य किया जाएगा। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति शेखर यादव की एकल पीठ कर रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में लगाए गए खतरनाक झूलों का स्वत: संज्ञान लेते हुए मेला अधिकारी को सोमवार को कोर्ट में तलब किया था। कोर्ट ने पूछा था कि मेले में मानव जीवन के लिए खतरनाक बड़े-बड़े झूले किसकी इजाजत से लगाए जाते हैं। इन्हें लगाने की अनुमति देने से पहले क्या मापदंड अपनाए जाते हैं।
बरेली में ब्रेकडांस झूले में करंट उतरने से हो गई थी मौत
बता दें कि कोर्ट बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र में झूले से हुई मौत के मामले में झूला संचालक नसीर अली की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। वादी के भाई शिवकुमार की मौत ब्रेक डांस झूले में लगे नंगे विद्युत तार के चपेट में आने से हुई थी।
वादी ने झूला संचालक नासिर अली को भाई की मौत के लिए जिम्मेदार बताते हुए गैरइरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने झूला संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिला जज की अदालत से जमानत खारिज होने के बाद नसीर ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रयागराज के माघ मेले में लगे हुए खतरनाक झूलों का संज्ञान ले लिया। कोर्ट ने कहा कि अक्सर मेले के आयोजन में बड़े-बड़े और ब्रेकडांस जैसे झूलों पर लोगों के बेहोश होने और मृत्यु होने तक की खबरें सामने आती हैं।
कोर्ट ने हैरानी जताते हुए कहा कि अगर इस तरह के झूले मानव जीवन के लिए खतरनाक हैं तो इन्हें मेले में लगाने की इजाजत कैसे दे दी जाती है। इसी कड़ी में कोर्ट ने प्रयागराज के माघ मेला अधिकारी को सोमवार को कोर्ट में इस जानकारी के साथ तलब किया था।