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Magh Mela: संगम से भारत को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने का आह्वान, क्रियायोग के शिविर में जुटे कई देशों के अनुयाई

Sun, 04 Feb 2024 11:49 AM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 04 Feb 2024 11:49 AM IST
सार

योगी सत्यम ने बताया कि नियमों के बंधन से मुक्ति पाने के लिए जीवात्मा का जन्म होता है। क्रियायोग अभ्यास से मनुष्य के अंदर की दिव्य इच्छा शक्ति जागृत हो जाती है और वह सत्य-अहिंसा के पथ पर अग्रसर हो जाता है। 

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Magh Mela: Kriyayoga Ashram camp inaugurated, followers arrived from many countries
मेले में क्रिया योग आश्रम के शिविर का शुभारंभ। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाइकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेश कुमार ने रविवार को कहा कि क्रियायोग मानवता की रक्षा और खुशहाली का एक पूर्ण विज्ञान है। इसकी शिक्षा ग्रहण करने पर मनुष्य सभी प्रकार के कष्टों से मुक्त हो सकता है। उन्होंने क्रियायोग के विश्व स्तर पर प्रचार के लिए योग गुरु स्वामी योगी सत्यम के प्रयासों पर विस्तार से रोशनी डाली।

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कहा कि योगी सत्यम के सानिध्य में क्रियायोग उसी विस्तार हो प्राप्त होगा जैसे परमहंस योगानंद के प्रयासों से संभव हुआ था। यह बातें उन्होंने अक्षयवट मार्ग पर संगम नोज के पास स्थित क्रियायोग शिविर के उद्घाटन के बाद कही। दोपहर बाद वैश्विक संस्था क्रियायोग आश्रम एवं अनुसंधान संस्थान के शिविर का स्वामी योगी सत्यम ने दीप प्रज्ज्वलन के बाद प्रार्थना के साथ उद्घाटन किया।
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उन्होंने गंगा,यमुना और अदृश्य सरस्वती के तट की महत्ता पर रोशनी डाली। साथ ही सर्वश्रेष्ठ आध्यात्मिक राष्ट्र भारत को एक आदर्श राष्ट्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने ऐसे राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने की बात कही, जहां किसी को डर- भय का अनुभव न हो, जहां शक्ति युक्त शांति का पूर्ण वातावरण हो और हथियारों को बनाना, बेचना, खरीदना न हो, बल्कि सभी सभी की सुरक्षा ईश्वरीय प्रेम से हो सके।

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उन्होंने क्रियायोग पर रोशनी डाली। बताया कि महावतार बाबाजी ने अपने अध्यात्म की उच्चतम अवस्था पर आसीन अपने शिष्य योगवातार लाहिड़ी महाशय को ''क्रियायोग'' की दीक्षा दी थी । इसी से अब ज्ञान का द्वार खुल रहा है। क्रियायोग के अभ्यास से एक ही जन्म में मनुष्य अज्ञानता से मुक्त होकर परम सत्य का दर्शन कर परब्रह्म की मौजूदगी का अनुभव करता है। इस अवसर पर अनेक प्रदेशों के साथ कनाडा, अमेरिका, स्विट्जरलैंड, ब्राजील, यूरोप, सिंगापुर, आयरलैंड, इटली, स्कॉटलैंड, नेपाल, यूक्रेन के अनुयायी उपस्थित थे।


 

 

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