माघ मेला : जलस्तर घटने के बावजूद कल्पवासियों की नहीं दूर हो रहीं दिक्कतें
बर्फीली हवाओं की सिहरन और दलदल में भीगती गृहस्थी के बीच लोग शिविर छोड़ते रहे। इस बीच गंगा के जलस्तर में सोमवार को पांच सेंमी की कमी दर्ज की गई, लेकिन खौफ बरकरार है।
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गंगा के जलस्तर में गिरावट आने लगी है, लेकिन माघ मेला क्षेत्र में जप,तप, ध्यान कर रहे हजारों कल्पवासियों की दुश्वारियां कम नहीं हुईं। सोमवार को भी काली, त्रिवेणी,गंगोली शिवाला और हरिश्चंद्र मार्ग से लेग तटवर्ती इलाकों में बसे शिविरों में सीपेज से बढ़ते दलदल को पाटने की जद्दोजहद देर शाम तक चलती रही।
बर्फीली हवाओं की सिहरन और दलदल में भीगती गृहस्थी के बीच लोग शिविर छोड़ते रहे। इस बीच गंगा के जलस्तर में सोमवार को पांच सेंमी की कमी दर्ज की गई, लेकिन खौफ बरकरार है। कहा जा रहा है कि कानपुर और नरोरा से अगर फिर पानी बढ़ाया गया तो मेले का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है।
संगम की रेती पर कल्पवासियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बड़ी संख्या में संतों-भक्तों को सुविधाएं न मिलने का रोना तो अपनी जगह है,लेकिन जल प्रवाह बढ़ने से कल्पवासियों को अलग दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कटान से प्रभावित तटवर्ती ओल्डजीटी पर बसे दर्जनों शिविरों में पानी और सीपेज से केसरिया झंडा निशान वाले संतोष पंडा, सूरज निशान वाले बबुवन पंडा, सिंहासन निशान वाले तीर्थपुरोहित शंकरलाल पंडा, और कूंचा निशान वाले हरीलाल शर्मा के शिविरों को कल्पवासियों ने छोड़ दिया है।
यहां से सैकड़ों कल्पवासियों ने अपने घरों का रुख कर लिया है। इसी तरह काली और त्रिवेणी मार्ग के माधोराम पंडा, रोहित पंडा, सुग्गन पंडा, नरेंद्र कुमार शर्मा और हाथी निशान वाले लल्लन जी पांडेय के पचासों शिविर खाली हो गए।
उधर, सेक्टर दो और तीन में सोमवार को भी जसीबी की मदद से दलदल पाटने के लिए दिन भर मशक्कत की जाती रही। तीर्थपुरोहितों की सबसे बड़ी संस्था प्रयागवाल सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश चंद्र मिश्र के काली मार्ग स्थित शिविर में हुई बैठक में सीपेज और दलदल से पैदा हुई दिक्कतों की समीक्षा की गई। यहां तीर्थ पुरोहितों का कहना था कि इस बार चार दशक के भीतर पहली बार ऐसा हुआ है जब मेलाक्षेत्र से कल्पवासी असमय उजड़ रहे हैं। बालू पाटने और पानी रोकने के काम में और तेजी लाने की कल्पवासियों ने आवाज उठाई।
गंगा के जलस्तर में पांच सेंमी गिरावट,मेला क्षेत्र में प्रवाह 73.60 मीटर पर
गंगा के जलस्तर में सोमवार को चौबीस घंटे के दौरान पांच सेंमी की गिरावट दर्ज की गई। इस दिन मेला क्षेत्र में त्रिवेणी तट पर गंगा का जलस्तर 73.60 सेमी रिकार्ड किया गया। जबकि, रविवार को इसी घाट पर गंगा का जलस्तर 73.65 मीटर दर्ज किया गया था। सिंचाई बाढ़खंड के एक्सईएन बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि जलस्तर में मामूली गिरावट हो रही है। कानपुर बैराज से सोमवार को 19,400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे दो दिन के भीतर राहत पैदा होने की उम्मीद है।
दुर्व्यवस्था का शिकार हुआ मेला : रेवती रमण
सपा के वरिष्ठ नेता राज्यसभा सदस्य रेवती रमण सिंह ने माघ मेले में अव्यवस्था का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि माघ मेला के बजट में भी कटौती की गई है और हर तरफ अव्यवस्था की वजह से कल्पवासी मेला छोड़ने लगे हैं।
सोमवार को गुड्डू मिश्रा द्वारा संचालित दाल भात शिविर में पहुंचे रेती रमन सिंह ने मेला क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कल्पवासियों तथा श्रद्धालुओं से मुलाकात की। सपा नेता का कहना है कि कल्पवासियों ने मेला क्षेत्र में हर तरफ अव्यवस्था की बात कही।
इस बाबत उन्होंने मंडलायुक्त, मेला अधिकारी और डीएम से अलग-अलग बात की लेकिन कहीं से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कथनी और करनी में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है। कहा कि करोड़ों खर्च होने के बावजूद कल्पवासियों का इस तरह से बीच मेले के दौरान जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। सपा के जिला उपाध्यक्ष विनय कुशवाहा ने भी मेले में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। ब्यूरो