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माघ मेला 2022 : रेती पर छह सेक्टर में मेला बसाने की तैयारी, अरैल की तरफ होगा विस्तार
Thu, 14 Oct 2021 07:51 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 14 Oct 2021 07:51 PM IST
सार
पहली बैठक में 2020 और 2021 के आयोजनों का हुआ तुलनात्मक अध्ययन, विभागों से मांगे गए प्रस्ताव, प्राधिकरण बोर्ड के अनुमोदन के बाद भेजा स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।
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magh mela
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
माघ मेले का खाका तैयार होने लगा है। इस बार छह सेक्टर में मेला बसाने की योजना है। इसके तहत अरैल की तरफ भी मेला का विस्तार होगा। जिला प्रशासन की बृहस्पतिवार को हुई पहली बैठक में मेले के स्वरूप के साथ 2020 और 2021 में हुए आयोजनों का तुलनात्मक अध्ययन भी किया गया। इसी के साथ सभी विभागों से प्रस्ताव मांगे गए। प्रयागराज मेला प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में अनुमोदन के बाद प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे।
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पूर्व में पांच सेक्टर में मेले का आयोजन होता था। कुंभ-2019 के बाद इसमें विस्तार किया गया तथा 2020 में छह सेक्टर में मेले का आयोजन हुआ। इसके विपरीत कोविड संक्रमण की वजह से 2021 में मेला का दायरा फिर सिमटकर पांच सेक्टर में हो गया। इसमें भी सेक्टर एक को दो भागों में बांटा गया था। इसके अलावा सेक्टर पांच के क्षेत्र में भी कटौती की गई थी। डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन दोनों वर्ष के आयोजनों पर विस्तार से चर्चा हुई।
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बैठक में अरैल की तरफ विस्तार करते हुए छह सेक्टर में मेला के आयोजन पर चर्चा हुई। इसी के अनुरूप सभी विभागों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। प्रयागराज मेला प्राधिकरण बोर्ड की बैठक भी जल्द संभावित है। इसमें सभी प्रस्ताव रखे जाएंगे। बोर्ड की अनुमति के बाद प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे। डीएम ने यह प्रक्रिया पूरी होने तक मेले की तैयारी करने के निर्देश दिए। ताकि, शासन की अनुमति मिलने तथा संगम क्षेत्र में नदियों का पानी कम होने के बाद मेले से संबंधित काम शुरू कर दिए जाएं।
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पुलिस चौकी, फूड कोर्ट का होना है निर्माण
संगम पर पूरे वर्ष श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आवागमन जारी रहता है। इसके विपरीत माघ मेला आयोजन के बाद वहां से पानी, बिजली, टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधाएं भी हटा ली जाती हैं। इससे संगम पहुंचने वालों को काफी परेशानी होती है। सुरक्षा की व्यस्था नहीं होने की वजह से सूरज ढलने के साथ सन्नाटा भी होने लगता है। लोगों की इन परेशानियों को देखते हुए बारिश के अलावा अन्य दिनों में बिजली, पानी तथा अन्य जरूरी सुविधाएं बहाल रखने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ संगम क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है। इसके तहत वहां फूड कोर्ट, शिल्प कला एवं स्थानीय उत्पादों पर आधारित बाजार होंगे। पार्किंग की व्यवस्था के अलावा सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस चौकी की स्थापना का भी निर्णय लिया गया है। इसके अलावा कई अन्य कार्य भी होने हैं। इन कार्यों के लिए दो वर्ष पहले टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी लेकिन कोविड संक्रमण की वजह से आगे काम रुक गया। अब माघ की तैयारियों के साथ इन सुविधाओं की बहाली की भी योजना है।
संगम पर पूरे वर्ष श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आवागमन जारी रहता है। इसके विपरीत माघ मेला आयोजन के बाद वहां से पानी, बिजली, टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधाएं भी हटा ली जाती हैं। इससे संगम पहुंचने वालों को काफी परेशानी होती है। सुरक्षा की व्यस्था नहीं होने की वजह से सूरज ढलने के साथ सन्नाटा भी होने लगता है। लोगों की इन परेशानियों को देखते हुए बारिश के अलावा अन्य दिनों में बिजली, पानी तथा अन्य जरूरी सुविधाएं बहाल रखने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ संगम क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है। इसके तहत वहां फूड कोर्ट, शिल्प कला एवं स्थानीय उत्पादों पर आधारित बाजार होंगे। पार्किंग की व्यवस्था के अलावा सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस चौकी की स्थापना का भी निर्णय लिया गया है। इसके अलावा कई अन्य कार्य भी होने हैं। इन कार्यों के लिए दो वर्ष पहले टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी लेकिन कोविड संक्रमण की वजह से आगे काम रुक गया। अब माघ की तैयारियों के साथ इन सुविधाओं की बहाली की भी योजना है।