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इलाहाबाद विश्वविद्यालय : दीक्षांत में गीतकार गुलजार को नहीं मिलेगी डीलिट की मानद उपाधि, जानें क्या है वजह
Sat, 06 Nov 2021 08:25 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो , प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो , प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 06 Nov 2021 08:25 PM IST
सार
तीन माह बाद भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से नहीं मिली मंजूरी। समारोह के आयोजन में बचे हैं बस 24 घंटे। कार्य परिषद में मुहर लगाने के बाद शिक्षा मंत्रालय भेजा गया था प्रस्ताव।
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Prayagraj News : गीतकार गुलजार।
- फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के दीक्षांत समारोह में मशहूर गीतकार गुलजार को डीलिट की मानद उपाधि नहीं दी जाएगी। इविवि प्रशासन ने इस उपाधि के लिए उनके नाम का प्रस्ताव केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेजा था, लेकिन वहां से अब तक मंजूरी नहीं मिली है, जबकि समारोह के आयोजन में 24 घंटे का वक्त बाकी रह गया है।
अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. प्रशांत घोष के प्रस्ताव पर इविवि की एकेडमिक कौंसिल की बैठक में डीलिट की मानद उपाधि के लिए गुलजार के नाम पर मुहर लगाई गई थी। इसके बाद चार अगस्त को हुई विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक में गीतकार गुलजार को कविता, फिल्म एवं संस्कृति में उनके योगदान के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय की ओर से डीलिट की मानद उपाधि प्रदान किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया था।
अंतिम मंजूरी के लिए इविवि प्रशासन ने इस बाबत एक प्रस्ताव केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेजा था। इविवि प्रशासन को अब भी मंत्रालय से मंजूरी मिलने का इंतजार है। ऐसे में गुलजार अब दीक्षांत समारोह में शामिल नहीं होंगे। इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर ने बताया कि गुलजार को डीलिट की मानद उपाधि दिए जाने से संबंधित प्रस्ताव को अभी मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली है। समारोह में गीतकार गुलजार या उनके किसी प्रतिनिधि के शामिल होने की अभी कोई सूचना नहीं है।
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अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. प्रशांत घोष के प्रस्ताव पर इविवि की एकेडमिक कौंसिल की बैठक में डीलिट की मानद उपाधि के लिए गुलजार के नाम पर मुहर लगाई गई थी। इसके बाद चार अगस्त को हुई विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक में गीतकार गुलजार को कविता, फिल्म एवं संस्कृति में उनके योगदान के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय की ओर से डीलिट की मानद उपाधि प्रदान किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया था।
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अंतिम मंजूरी के लिए इविवि प्रशासन ने इस बाबत एक प्रस्ताव केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेजा था। इविवि प्रशासन को अब भी मंत्रालय से मंजूरी मिलने का इंतजार है। ऐसे में गुलजार अब दीक्षांत समारोह में शामिल नहीं होंगे। इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर ने बताया कि गुलजार को डीलिट की मानद उपाधि दिए जाने से संबंधित प्रस्ताव को अभी मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली है। समारोह में गीतकार गुलजार या उनके किसी प्रतिनिधि के शामिल होने की अभी कोई सूचना नहीं है।
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