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एम्स के लिए 200 एकड़ जमीन की तलाश

Fri, 29 Sep 2017 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 29 Sep 2017 02:07 AM IST
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Looking for 200 acres of land for AIIMS
एम्स
इलाहाबाद में एम्स की स्थापना का रास्ता साफ होने के बाद अब उसके निर्माण के लिए जमीन की खोजबीन शुरू कर दी गई है। जिले में इसके निर्माण के लिए तकरीबन 200 एकड़ जमीन की दरकार है। जमीन तलाशने के बाद शासन द्वारा उसकी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जाएगी। केंद्र को डीपीआर भेजे जाने के बाद ही एम्स के लिए बजट आदि आवंटित किए जाने की प्रक्रिया होगी। हालांकि इसमें इसमें अभी थोड़ा वक्त लग सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि शासन और जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता वर्ष 2019 में लगने वाला अर्द्ध कुंभ मेला है। इसलिए अभी कुंभ मेले से जुड़े कार्यों को ही अक्तूबर 2018 से पूर्व करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय से प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को जारी पत्र में इलाहाबाद मेें एम्स की स्थापना के संबंध में प्रस्ताव मांगा गया है। इसकी प्रति मंडलायुक्त इलाहाबाद एवं मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज के प्राचार्य को भी भेजी गई है। सीएम कार्यालय से पत्र जारी होने के बाद स्थानीय स्तर पर एम्स के लिए जमीन की तलाश तेज हो गई है। इलाहाबाद में एम्स बने इसके लिए तकरीबन 200 एकड़ जमीन की आवश्यकता पड़ेगी। शहर में इतनी जमीन मिल पाना संभव नहीं है। ऐसे में प्रशासन द्वारा गंगापार या यमुनापार का रुख किया जाना तय है। गंगापार में कृषि योग्य भूमि ज्यादा है, जबकि यमुनापार में बारा, कोरांव, करछना तहसील में काफी जमीन ऐसी है जो कृषि योग्य नहीं है। ऐसे में यमुनापार में एम्स के लिए जमीन फाइनल हो सकती है। इसका लाभ इलाहाबाद के आसपास के जिलों के अलावा बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के लोगों को मिल सकेगा। उधर चर्चा इस बात की भी है कि मेडिकल कालेज में बन रहे सुपर स्पेशियल्टी ब्लॉक को एम्स में शामिल कर लिया जाए।
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जमीन के लिए शासन को भेजा पत्र

मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. एसपी सिंह ने बृहस्पतिवार को एम्स की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किए जाने और प्रस्ताव के बाबत एडी चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के माध्यम से शासन को पत्र भेजा है। पत्र में सीएम की एम्स संबंधी घोषणा को पूरा करने के लिए 200 एकड़ भूमि के साथ जल, विद्युत की उपलब्धता तथा सड़क संपर्क मार्ग को ध्यान में रखते हुए भूमि चिह्नित कराने का अनुरोध किया है। ताकि इस संबंध में अग्रेतर कार्रवाई की जा सके।
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‘एम्स बनने के बाद इलाहाबाद और आसपास के जिलों के लोगों को बेहतर चिकित्सा के लिए लखनऊ, दिल्ली जाने की जरूरत नहीं होगी। एम्स के लिए काफी जमीन की आवश्यकता  पड़ेगी। इसके बाद डीपीआर  तैयार होगा जो केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। अभी इस प्रक्रिया में थोड़ा समय लग सकता है।  ’

00 सिद्धार्थ नाथ सिंह, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री।

‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार प्रयास कर रहे हैं कि प्रदेश वासियों को बेहतर चिकित्सा मिले। इसमें एम्स काफी सहायक सिद्ध होगा। इलाहाबाद में एम्स जैसी सुविधा मिले, इसका प्रयास किया जा रहा था। अब इसकी स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। ’
00 केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री।
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