फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Lok sabha elections 2019 Priyanka gandhi also played soft Hindu card

प्रयागराज: प्रियंका ने भी खेला सॉफ्ट हिंदुत्व का कार्ड, कुंभ में न आने की भरपाई की कोशिश

Mon, 18 Mar 2019 11:48 PM IST
देव कश्यप अविनाशी श्रीवास्तव, अमर उजाला, प्रयागराज
अविनाशी श्रीवास्तव, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: देव कश्यप Updated Mon, 18 Mar 2019 11:48 PM IST
विज्ञापन
Lok sabha elections 2019 Priyanka gandhi also played soft Hindu card
लेटे हुए हनुमान मंदिर में पूजा करती हुईं प्रियंका गांधी - फोटो : अमर उजाला

देश में प्रियंका गांधी के दौरे के साथ कांग्रेस की चुनावी रणनीति धरातल पर उतरने लगी है। प्रयागराज के संगम में बोट पर सवार प्रियंका ने मां गंगा की बेटी के रूप में खुद को स्थापित करने की कोशिश की तो मंदिर-मंदिर माथा भी टेका। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई राहुल गांधी के बाद प्रियंका ने भी साफ्ट हिंदुत्व के एजेंडे का कार्ड खेला। साथ ही कुंभ में न आ पाने की भरपाई करने की कोशिश की।

विज्ञापन


2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में घोषणा की थी कि ‘मां गंगा ने बुलाया है।’ वहीं 2019 के चुनाव से पहले कुंभ तथा संगम प्रतीकों की राजनीति का केंद्र बिंदु रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरी कैबिनेट के साथ संगम में डुबकी लगाई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगम स्नान के बाद सफाईकर्मियों के चरण पखार कर हिंदुत्व के एजेंडे के साथ कई मोर्चों को साधा। प्रयागराज से वाराणसी के लिए बोट पर सवार होकर निकलीं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका इन सभी सियासी बिंदुओं का जवाब देती नजर आईं। तीन दिन के चुनावी सफर के लिए संगम तट पर बोट पर सवार होते ही उनके साथ ‘गंगा की बेटी’ का नाम भी जुड़ गया।
विज्ञापन


हरे रंग की साड़ी में भारत की बेटी नजर आ रहीं प्रियंका ने पूरी श्रद्धा से संगम पूजन किया। संगम तट पर पूजन के दौरान वह घाट पर बैठ गईं और लहरों को स्पर्श करते हुए पुष्प और दीप अर्पित कर मां गंगा का आशीर्वाद लिया। फिर अक्षयवट और बड़े हनुमानजी का दर्शन किया। इस दौरान वह पूरी तरह से भक्ति भाव में डूबी नजर आईं तो उनके साथ भगवा वस्त्र में सांसद और बहराइच से कांग्रेस प्रत्याशी सावित्री बाई फूले भी रहीं। फिर विशेष तरीके से सजे बोट पर सवार होकर वह मनैया घाट पहुंची और वहां भी दुर्गा मंदिर में माथा टेका। वहां से दुमदुमा (सैदाबाद) होते हुए सिरसा पहुंचीं। वहां भगवान श्रीनाथबाबा का आशीर्वाद लेने के बाद वह लाक्षागृह पहुंचीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां से वह सीतामढ़ी पहुंचीं जिसे लेकर मान्यता है कि यहीं सीता धरती में समाईं थीं। पहले दिन का यह उनका आखिरी पड़ाव था। लेकिन, मंगलवार को गंगा में जल मार्ग से शुरू चुनावी सफर विंध्याचल और चुनार तक जाएगा, तो बुधवार बाबा भोलेनाथ के आशीर्वाद के साथ प्रधानमंत्री के चुनावी क्षेत्र वाराणसी में खत्म होगा। राजनीति के जानकारों का कहना है कि अल्पसंख्यक वर्ग भी मान चुका है कि प्रतीकों की इस राजनीति में साफ्ट हिंदुत्व को स्वीकार करना होगा और अब यह कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा है, जिसकी अगुवाई करने वाले में खुद प्रियंका गांधी भी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed