{"_id":"5e80e4508ebc3e76d452756c","slug":"lock-down-impact-on-assistant-professor-recruitment-allahabad-news-ald2721556156","type":"story","status":"publish","title_hn":"असिस्टेंट प्रोफेसर के 287 पदों पर फंसी नियुक्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असिस्टेंट प्रोफेसर के 287 पदों पर फंसी नियुक्ति
विज्ञापन
Lock down impact on assistant professor recruitment
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लॉकडाउन के कारण शुरू नहीं हो सकी ऑनलाइन काउंसलिंग
हिंदी में 166 एवं राजनीति विज्ञान में 121 पदों पर होनी है भर्ती
प्रयागराज। देश भर में हुए लॉकडाउन के कारण प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 287 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति फंस गई है। इनकी नियुक्ति प्रक्रिया सात मार्च से शुरू कर दी गई थी और अभ्यर्थियों से उनके संशोधित मोबाइल नंबर भी मांग लिए गए थे लेकिन कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते संक्रमण के कारण ऑनलाइन काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी नहीं किया जा सका। ऐसे में अभ्यर्थियों को अब तक कॉलेज भी आवंटित नहीं किए जा सके।
विज्ञापन संख्या 47 के तहत प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में 35 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों पर भर्ती होनी है। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) की ओर से अब तक 33 विषयों का अंतिम चयन परिणाम घोषित किया जा चुका है। 31 विषयों में चयनित अभ्यर्थियों की ऑनलाइन काउंसलिंग एवं कॉलेज आवंटन की प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें नियुक्तिपत्र भी दिए जा चुके हैं जबकि हिंदी और राजनीति विज्ञान विषय में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया सात मार्च से शुरू हुई थी।
जिन दो विषयों के परिणाम फंसे हुए हैं, उनमें शिक्षाशास्त्र एवं समाजशास्त्र विषय शामिल हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर शिक्षाशास्त्र भर्ती के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है और असिस्टेंट प्रोफेसर समाजशास्त्र का मामला भी हाईकोर्ट में लंबित है।
विज्ञापन
उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से सात से दस मार्च के बीच हिंदी में असिस्टेंट प्रोफेसर के 166 पदों और राजनीति विज्ञान विषय में 121 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों से उनके संशोधित मोबाइल नंबर मांगे थे। इसके बाद ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होनी थी। अभ्यर्थियों को उनके मोबाइल नंबर पर मैसेज के माध्यम से ऑनलाइन काउंसलिंग की सूचना भेजी जाती है।
उच्च शिक्षा निदेशालय काउंसलिंग शुरू कराने की तैयारी में था कि इसी बीच कोरोना वायरस के कारण तमाम परीक्षाएं, काउंसलिंग, बैठकें, कांफ्रेंस आदि स्थगित कर दिए गए। पूरे देश में लॉक डाउन घोषित करने की वजह से इन दोनों विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी फंस गई। काउंसलिंग के दौरान ही अभ्यर्थियों को कॉलेज आवंटित किए जाते हैं और नियुक्ति पत्र जारी किया जाता है। नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों को अब लॉक डाउन खत्म होने का इंतजार है।
‘लॉक डाउन के कारण असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयनित अभ्यर्थियों की ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू नहीं कराई जा सकी है। उच्च शिक्षा निदेशालय के अन्य कार्य भी प्रभावित हुए हैं। हालात सुधरते ही काउंसलिंग की प्रक्रिया आरंभ करा दी जाएगी।’
-डॉ.वंदना शर्मा, निदेशक, उच्च शिक्षा निदेशालय
विज्ञापन
हिंदी में 166 एवं राजनीति विज्ञान में 121 पदों पर होनी है भर्ती
प्रयागराज। देश भर में हुए लॉकडाउन के कारण प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 287 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति फंस गई है। इनकी नियुक्ति प्रक्रिया सात मार्च से शुरू कर दी गई थी और अभ्यर्थियों से उनके संशोधित मोबाइल नंबर भी मांग लिए गए थे लेकिन कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते संक्रमण के कारण ऑनलाइन काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी नहीं किया जा सका। ऐसे में अभ्यर्थियों को अब तक कॉलेज भी आवंटित नहीं किए जा सके।
विज्ञापन संख्या 47 के तहत प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में 35 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों पर भर्ती होनी है। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) की ओर से अब तक 33 विषयों का अंतिम चयन परिणाम घोषित किया जा चुका है। 31 विषयों में चयनित अभ्यर्थियों की ऑनलाइन काउंसलिंग एवं कॉलेज आवंटन की प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें नियुक्तिपत्र भी दिए जा चुके हैं जबकि हिंदी और राजनीति विज्ञान विषय में चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया सात मार्च से शुरू हुई थी।
विज्ञापन
जिन दो विषयों के परिणाम फंसे हुए हैं, उनमें शिक्षाशास्त्र एवं समाजशास्त्र विषय शामिल हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर शिक्षाशास्त्र भर्ती के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है और असिस्टेंट प्रोफेसर समाजशास्त्र का मामला भी हाईकोर्ट में लंबित है।
विज्ञापन
उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से सात से दस मार्च के बीच हिंदी में असिस्टेंट प्रोफेसर के 166 पदों और राजनीति विज्ञान विषय में 121 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों से उनके संशोधित मोबाइल नंबर मांगे थे। इसके बाद ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होनी थी। अभ्यर्थियों को उनके मोबाइल नंबर पर मैसेज के माध्यम से ऑनलाइन काउंसलिंग की सूचना भेजी जाती है।
उच्च शिक्षा निदेशालय काउंसलिंग शुरू कराने की तैयारी में था कि इसी बीच कोरोना वायरस के कारण तमाम परीक्षाएं, काउंसलिंग, बैठकें, कांफ्रेंस आदि स्थगित कर दिए गए। पूरे देश में लॉक डाउन घोषित करने की वजह से इन दोनों विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी फंस गई। काउंसलिंग के दौरान ही अभ्यर्थियों को कॉलेज आवंटित किए जाते हैं और नियुक्ति पत्र जारी किया जाता है। नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों को अब लॉक डाउन खत्म होने का इंतजार है।
‘लॉक डाउन के कारण असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयनित अभ्यर्थियों की ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू नहीं कराई जा सकी है। उच्च शिक्षा निदेशालय के अन्य कार्य भी प्रभावित हुए हैं। हालात सुधरते ही काउंसलिंग की प्रक्रिया आरंभ करा दी जाएगी।’
-डॉ.वंदना शर्मा, निदेशक, उच्च शिक्षा निदेशालय