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41 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद बरकरार
Sun, 07 Apr 2019 12:54 AM IST
विनोद सिंह
News Desk, Amarujala, Prayagraj
News Desk, Amarujala, Prayagraj
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 07 Apr 2019 12:54 AM IST
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पेड़ काटने के विवाद में दो सगे भाइयों की हत्या करने के आरोपी तीसरे भाई और उसके साथियों को मिली उम्रकैद की सजा को हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। अभियुक्तों की सजा के खिलाफ दाखिल अपील पर न्यायमूर्ति नाहिद आरा मुनीस और न्यायमूर्ति पीके श्रीवास्तव की पीठ ने सुनवाई की।
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घटना तीन अप्रैल 1978 की देवरिया के नेबुआ नौरंगी थाना क्षेत्र के मदार बिंद गांव की है। अभियुक्त लाल साहब, महेंद्र प्रताप राव, मानवेंद्र प्रताप राव और दयानंद उर्फ दया बनिया के खिलाफ जय प्रकाश राव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके चाचा बलवंत राव ने शीशम के पेड़ ठेकेदार को बेच दिए थे। जब पेड़ काटे जाने लगे तो उसके पिता झीन राव और धीर राव ने विरोध किया। पंचायत में तय हुआ कि पेड़ बेचने से मिली रकम तीनों भाइयों में बराबर बांट दी जाएगी।
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अगले दिन जब ठेकेदार कटे हुए पेड़ उठाने आया तो रकम को लेकर फिर विवाद हुआ जिसमें बलवंत, लाल साहब, महेंद्र, मानवेंद्र और दयानंद ने मिलकर झीन राव और धीर राव की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना में धीर राव की पत्नी गंभीर रूप से घायल हुई। ट्रायल कोर्ट ने बलवंत राव और लाल साहब को बाद में उन्मोचित कर दिया था मगर महेंद्र, मानवेंद्र और दयानंद को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई।
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प्रदेश सरकार की ओर से एजीए विकास सहाय ने अपील का विरोध किया। हाईकोर्ट ने अपर जिला जज देवरिया द्वारा सुनाई गई सजा को सही करार देते हुए उसे बरकरार रखा है।