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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Life imprisonment to the murderer of wife, father-in-law and innocent daughter, court gives verdict in six

Court : पत्नी, ससुर और मासूम बेटी के हत्यारे को आजीवन कारावास, छह साल पुराने मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला

Thu, 20 Jun 2024 02:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 20 Jun 2024 02:55 PM IST
सार

जिले के चर्चित तिहरे हत्याकांड के मामले में ट्रायल कोर्ट ने आरोपी सौरभ चौरसिया उर्फ उस्मान गनी को परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बने सौरभ ने संपत्ति विवाद को लेकर ससुर, पत्नी और सात साल की बेटी की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। छह साल पुराना यह मामला प्रयागराज शहर के करेली इलाके का है।

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Life imprisonment to the murderer of wife, father-in-law and innocent daughter, court gives verdict in six
अदालत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला अदालत ने छह साल पहले पत्नी, ससुर और सात वर्षीय मासूम बेटी की निर्मम हत्या के दोषसिद्ध सौरभ चौरसिया उर्फ उस्मान गनी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला जिला जज संतोष राय की अदालत ने अभियोजन की ओर से पेश दस गवाही, दस्तावेजों पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दिया है।

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मामला वर्ष 2018 का है। थाना करेली के अहमद रोड स्थित किराए के मकान में रहने वाले सौरभ चौरसिया उर्फ उस्मान गनी ने अपनी पत्नी सलमा, ससुर युनुस खान और सात साल की सौतेली बेटी एना मर्जिया का गला काट कर बेरहमी से हत्या कर दी थी। हत्या की एफआइआर सलमा की छोटी बहन शहनाज खान ने दर्ज कराई थी। तहरीर में कहा था कि सलमा का पहले पति फैजी उर्फ सैयद मुराद अली से आपसी तलाक हुआ था।
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इससे दो बेटियां एना मर्जिया और जैनब हुई थीं। इसके बाद सलमा का निकाह धर्म परिवर्तन कर उस्मान गनी बने सौरभ चौरसिया से किया। निकाह के बाद सौरभ पत्नी सलमा, बुजुर्ग ससुर युनुस और सौतेली बेटी एना मर्जिया के साथ किराए के मकान में रहने लगा। कुछ दिन रिश्ते ठीक ठाक चले। करीब दस महीने बाद ससुर की संपत्ति को लेकर झगड़ा शुरू हो गया। 19 मार्च को फोन पर जवाब न मिलने पर बहन से मिलने उसके घर पहुंची शहनाज ने घर के बरामदे ने पिता युनुस का कटा हुआ सिर और कमरे में बहन सलमा और बेटी मर्जिया की कटी हुई लाश देखी।

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छह साल बाद अदालत ने सुनाया फैसला

इसके बाद पुलिस को खबर की गई। तिहरे हत्याकांड की खबर पा कर घर पहुंचे सौरभ ने खूब आंसू बहाए। हालांकि, तहकीकात के दौरान पुलिस के खोजी कुत्ते ने सौरभ की ओर इशारा किया तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की। इस दौरान सौरभ ने हत्या की बात कुबूल की थी। इस आधार पर पुलिस ने ट्रायल कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। करीब छह साल चले ट्रायल के दौरान अभियोजन की ओर से डीजीसी क्रिमिनल ने दस गवाहों को परीक्षित करवाया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ उपलब्ध सुबूतों के आधार पर बुधवार को जिला जज संतोष राय की अदालत ने सौरभ चौरसिया उर्फ उस्मान गनी ने तिहरे हत्याकांड का दोषी करार दिया।

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