{"_id":"6009d58a8ebc3e30ca6aae85","slug":"life-imprisonment-to-father-son-in-horilal-murder-case-of-kaushambi","type":"story","status":"publish","title_hn":"कौशाम्बी के होरीलाल हत्याकांड में पिता-पुत्र को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कौशाम्बी के होरीलाल हत्याकांड में पिता-पुत्र को उम्रकैद
Fri, 22 Jan 2021 12:57 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 22 Jan 2021 12:57 AM IST
विज्ञापन
मुकदमा
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रमेश कुमार यादव की कोर्ट ने होरीलाल हत्याकांड में आरोपी पिता-पुत्र को दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना वर्ष 2014 में पूरामुफ्ती कोतवाली के रसूलाबाद कोइलहा में अंजाम दी गई थी। अदालत ने दोनों आरोपियों पर दो-दो लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि राज्य सरकार के खजाने में व बाकी का पैसा मृतक के परिजनों को दिया जाएगा।
अभियोजन के मुताबिक रसूलाबाद कोइलहा निवासी पवन कुमार ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता होरीलाल राजगीर थे। सात जून 2014 को वह प्रयागराज से लौटे अपने पिता को बाइक में बिठाकर घर जा रहा था। रास्ते में वीरेंद्र पुत्र रूस के यहां एक आयोजन था। इसकी वजह से रास्ता बंद कर दिया गया था। होरीलाल ने रास्ता खाली करने के लिए कहा तो वीरेंद्र ने अपने पिता रूस के साथ मिलकर चापड़ से हमला कर दिया।
घटना में होरीलाल की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रमेश कुमार यादव की कोर्ट में विचाराधीन था। अभियोजन की तरफ से सरकारी अधिवक्ता अनिरुद्ध मिश्रा ने नौ लोगों की गवाही कराई। कोर्ट ने गवाहों के बयान और पत्रावलियों के आधार पर पिता-पुत्र को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोनों आरोपियों पर दो-दो लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। इसमें से आधी राशि पीड़ित के परिजनों और आधी राज्य सरकार के खजाने में जमा की जाएगी। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने पिता-पुत्र को जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन के मुताबिक रसूलाबाद कोइलहा निवासी पवन कुमार ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता होरीलाल राजगीर थे। सात जून 2014 को वह प्रयागराज से लौटे अपने पिता को बाइक में बिठाकर घर जा रहा था। रास्ते में वीरेंद्र पुत्र रूस के यहां एक आयोजन था। इसकी वजह से रास्ता बंद कर दिया गया था। होरीलाल ने रास्ता खाली करने के लिए कहा तो वीरेंद्र ने अपने पिता रूस के साथ मिलकर चापड़ से हमला कर दिया।
विज्ञापन
घटना में होरीलाल की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रमेश कुमार यादव की कोर्ट में विचाराधीन था। अभियोजन की तरफ से सरकारी अधिवक्ता अनिरुद्ध मिश्रा ने नौ लोगों की गवाही कराई। कोर्ट ने गवाहों के बयान और पत्रावलियों के आधार पर पिता-पुत्र को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोनों आरोपियों पर दो-दो लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। इसमें से आधी राशि पीड़ित के परिजनों और आधी राज्य सरकार के खजाने में जमा की जाएगी। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने पिता-पुत्र को जेल भेज दिया है।
विज्ञापन