फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Let's know yesterday's toppers position.

आओ जाने आज कहां हैं कल के टॉपर

Fri, 10 May 2019 12:31 AM IST
Prayagraj Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 10 May 2019 12:31 AM IST
विज्ञापन
Let's know yesterday's toppers position.
सीबीएसई 10वीं टॉपर्स - फोटो : self

यूपी बोर्ड, सीबीएसई, सीआईएससीई की ओर से जारी दसवीं और बारहवीं में अबकी बार अधिकांश परीक्षार्थियों को 100 से 90 फीसदी के बीच अंक मिले। बच्चों एवं अभिभावकों में नंबर का क्रेज मात्र स्कूल स्तर तक ही रहता है। ऐसे में नंबर के पीछे नहीं बल्कि जानकारी हासिल करने को लक्ष्य बनाओ। किसी सरकारी अथवा निजी क्षेत्र की नौकरी में आपको अंकों के आधार नहीं चुना जाएगा। नौकरी देते समय कंपनियां आपके ज्ञान पर नौकरी देती है, यह कहना है उन छात्रों का जो आज से 12 से 15 वर्ष पूर्व यूपी बोर्ड की परीक्षा में जिले के टापर्स में शामिल रहे हैं।

विज्ञापन

जिले की मेरिट में शामिल, आज चिकित्साधिकारी
यूपी बोर्ड की 2007 की इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले में टॉप टेन में शामिल अमन सिंह वर्तमान समय में सरकारी अस्पताल में प्रभारी चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात हैं। स्थानीय बीबीएस इंटर कॉलेज से बारहवीं पास करने के बाद अमन ने 2009 में विवेकानंद मेडिकल कॉलेज मेरठ में एमबीबीएस में प्रवेश लिया। एमबीबीएस पूरा करने के बाद उनका चयन 2014 में लोक सेवा आयोग की ओर से होने वाली चिकित्साधिकारी परीक्षा के लिए हो गया। अमन सिंह वर्तमान समय में राज्य कर्मचारी चिकित्सालय नैनी, प्रयागराज में प्रभारी चिकित्साधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। बारहवीं की परीक्षा में जिले की टॉप लिस्ट में शामिल होने के बाद भी अमन सिंह का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश और उसके बाद सरकारी सेवा में चयन में स्कूल स्तर पर मिले अंकों की कोई पूछ नहीं होती है। आपका गोल तय होना चाहिए। सरकारी अस्पताल में चिकित्साधिकार के पद पर पहुंचने के लिए स्कूल स्तर पर मिले अंक ने नहीं बल्कि मेरी जानकारी के आधार पर चयन हुआ।
विज्ञापन


जिले के टापर्स अनुभव, आज हैं आईएएस
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में 2010 में शामिल अनुभव सिंह ग्रामीण पृष्ठभूमि के होने के बाद भी अच्छी पढ़ाई के लिए शहर के बीबीएस इंटर कॉलेज से पढ़ाई करके जिले के टॉप टेन में शामिल रहे। बारहवीं पास करने के बाद अनुभव का चयन आईआईटी रूड़की में हो गया। 2015 में आईआईटी से बीटेक पूरा करने के बाद अनुभव को पहले प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा 2016 में 683 वीं रैंक मिली जबकि 2017 में उन्हें ऑल इंडिया आठवीं रैंक मिली। देश की सर्वोच्च सेवा के लिए चुने जाने वाले अनुभव का मानना है कि आरंभिक दौर में तो नंबर की भूख रहती है परंतु एक स्टेज ऐसा आता है कि जब स्कूली स्तर पर मिले अंक केवल बताने में तो अच्छे लगते हैं, परंतु उनका आपके कार्यक्षेत्र में उनका कोई मतलब नहीं होता है। उनके स्कूल के प्रबंधक रणजीत सिंह और प्रधानाचार्या रजनी शर्मा का भी मानना है कि अनुभव स्कूल में पढ़ाई के दौरान साथियों के बीच आपसी सहयोग पर फोकस करता रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed