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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Leopard reached Malkhanpur Dhanaicha of Hanumanganj, entered the millet field when the villagers made noise

Prayagraj News: वन विभाग को चकमा देकर भागा तेंदुआ, मची भगदड़, हमले में एक ग्रामीण घायल

Sat, 09 Aug 2025 05:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 09 Aug 2025 05:24 PM IST
सार

Leopard in prayagraj : बाढ़ में बहकर आया तेंदुआ प्रयागराज में दहशत का पर्याय बन गया है। मंगलवार को तेंदुआ झूंसी के पास देखा गया था। ग्रामीणों के शोर मचाने पर पेड़ पर चढ़ गया था। वन विभाग उस पर नजर बनाए थे, लेकिन इसी बीच रात में मौका पाकर तेंदुआ शनिवार को पास के मलखानपुर धनैचा गांव में पहुंच गया है। बाजरे के खेत में बैठे तेंदुए की वन विभाग ने जाल लगाकर घेराबंदी की तो तेंदुआ एक ग्रामीण को घायल करने के बाद भागकर दूसरे खेत में छिप गया। 

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Leopard reached Malkhanpur Dhanaicha of Hanumanganj, entered the millet field when the villagers made noise
मलखानपुर धनैचा गांव में तेंदुआ के छिपे होने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

शनिवार को सुबह के तकरीबन आठ बजे थे। धनैचा-मलखानपुर गांव के अनिल सिंह अपने खेत में धान की फसल को देखने गए थे। तभी खेत के भीतर से कुछ सुगबुगाहट हुई। उन्होंने समझा कि कोई जंगली जानवर होगा। अभी वह कुछ समझ पाते तभी सामने आदमखोर तेंदुए को देख दहल गए। एक पल के लिए अनिल को समझ में ही नहीं आया कि वे क्या करें। तभी तेंदुआ गुर्राया तो वह किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागे। बाद में ग्रामीणों ने मामले की जानकारी पुलिस कंट्रोल रुम और वन विभाग को तेंदुए के गांव के खेत में होने की जानकारी दी।

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इस पर वन विभाग के अफसरों ने ग्रामीणों से उसकी फोटो खींचकर भेजने को बोला। ग्रामीण किसी तरह हिम्मत बांधकर धान की खेत में पहुंचे और तेंदुए की फोटो लेने लगे। इसी दौरान उसने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। हालांकि तब सभी बाल-बाल बच गए। वहां से निकलकर आदमखोर तेंदुआ पास के सुंदर सिंह के चरी के खेत में घुस गया। कुछ देर बाद वनकर्मी मौके पर पहुंचे और ड्रोन के जरिए चरी के खेत में तेंदुए की तलाश शुरू की लेकिन सफलता नहीं मिली।
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ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया तो वे खुद ही हाथ में लाठी-डंडा और लाइसेंसी बंदुूक लेकर खेत में कूद पड़े। अपने आपको चारों तरफ से घिरा देख तेंदुए ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। हमले में ग्रामीण राजेंद्र प्रसाद जख्मी हो गए। इसके बाद आदमखोर तेंदुआ चरी के दूसरे घने खेत में घुसकर बैठ गया।
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Leopard reached Malkhanpur Dhanaicha of Hanumanganj, entered the millet field when the villagers made noise
मलखानपुर धनैचा गांव में तेंदुआ के पैर के निशान। - फोटो : अमर उजाला।

वन विभाग की टीम और ग्रामीण अंधेरा होने तक आदमखोर भेड़िए को दबोचने के लिए लाठी-डंडा, बंदूक और जाल बिछाकर मौके पर डटे रहे। सुबह से लेकर देर शाम तक ग्रामीण लगातार शोर मचाकर लोगों को आगाह करते रहे कि भागो-भागो, सब बचाओ अपनी जान, गांव की बस्ती में तेंदुआ घुस आया है। आसपास की बस्ती तक यह चीख पहुंची तो खलबली मच गई।

अन्य गांव के युवक भी हाथ में लाठी-डंडा लेकर मौके पर पहुंच गए थे। 31 मई 2017 में भी हनुमानगंज के दलापुर गांव में एक आदमखोर तेंदुआ जंगल से रास्ता भटककर पटेल बस्ती में घुस गया था। कई घंटे की भारी मशक्कत के बाद वनकर्मियों ने उसे दबोचा और पिंजड़े में डाला था। वह गांव के फूलचंद्र पटेल के कच्चे मकान में घुसकर जा बैठा था। शनिवार को धनैचा-मलखानपुर गांव में भी कुछ ऐसा ही नजारा रहा।
इंसेट

गिरते-पड़ते बच्चों को लेकर भागीं महिलाएं

झूंसी। चरी के खेत से भागकर तेंदुआ दूसरे खेत की ओर भागा तो वहां मौजूद बस्ती की महिलाओं और बच्चों के होश ही उड़ गए। आनन-फानन में महिलाएं अपने बच्चों को लेकर घर की ओर भागीं। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और वन विभाग की टीम महिलाओं और बच्चों को वहां से लगातार हटने को बोल रहे थे। इसके बावजूद सर्च आपरेशन के दौरान लोगों की भारी भीड़ वहां जुटी रही।

Leopard reached Malkhanpur Dhanaicha of Hanumanganj, entered the millet field when the villagers made noise
हनुमानगंज इलाके में पेड़ पर चढ़ा तेंदुआ। - फोटो : अमर उजाला।

सुबह से लेकर शाम तक गांव में मचा रहा हड़कंप, जुटी रही भारी भीड़

सरायइनायत थाना क्षेत्र के धनैचा-मलखानपुर गांव में तेंदुए के दाखिल होने से सुबह से लेकर देर शाम तक हड़कंप मचा रहा। गांव मौर्य, ठाकुर और यादव बाहुल बस्ती के सामने स्थित चरी के खेत के आसपास दिनभर मेले जैसा ग्रामीणों का जमावड़ा लगा रहा। जो भी गांव के रास्ते से होकर गुरजता, तेंदुए के दाखिल होने की बात सुनकर वहीं रूक जाता। सुबह आठ बजे से देर शाम तक ग्रामीणों की भारी भीड़ बस्ती के बाहर जुटी रही। मौके पर सरायइनायत थाने की पुलिस फोर्स के साथ वनकर्मी अपने पूरे सुरक्षा सामानों के साथ मौके पर मुस्तैद रहे।

झूंसी और हनुमानगंज के कई गांव के ग्रामीण तेंदुआ देखने गांव पहुंचे

हनुमानगंज के धनैचा-मलखानपुर गांव में तेंदुए के दाखिल होने की सूचना देखते ही देखते जंगल में आग की तरह फैल गई। इसके बाद तो कुछ घंटों में ही झूंसी से लेकर हनुमानगंज के दो दर्जन से ज्यादा गांव के ग्रामीण तेंदुए को देखने के लिए धनैचा मलखानपुर गांव पहुंचने लगे। शाम पांच बजे तक भारी संख्या में आसपास के गांव की महिलाएं और पुरूष अपने बच्चों के साथ तेंदुए को देखने को मलखानपुर गांव पहुंची थीं।

पांच दशक पहले गांव में घुसा था तेंदुआ, ग्रामीणों ने मार डाला था

तकरीबन पांच दशक पहले भी हनुमानगंज के दलापुर गांव में तेंदुआ दाखिल हुआ था। तब गांव की आबादी बेहद कम थी। साथ ही गांव के आसपास जंगल जैसे हालात थे। इसी दौरान एक आदमखोर तेंदुआ गांव की बस्ती में घुस गया था। तब ग्रामीणों ने उसे लाठी-डंडे और भाले के दम पर उसे दबोच लिया और मौत के घाट उतार दिया। शनिवार को जब आदमखोर तेंदुआ गांव की बस्ती में दाखिल हुआ तो पांच दशक पहले घुसे तेंदुए की चर्चा ग्रामीणों की जुबान पर आ गई।

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