Leopard In Prayagraj : रातभर एचआरआई परिसर में तेंदुए ने मचाया उधम, वन विभाग का पिंजड़ा रह गया खाली
झूंसी थाना क्षेत्र के छतनाग वार्ड इलाके में स्थित हरिश्चंद्र शोध संस्थान में तीन दिन से घुसा तेंदुआ अब तक वन विभाग की पकड़ में नहीं आ सका है।
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झूंसी थाना क्षेत्र के छतनाग वार्ड इलाके में स्थित हरिश्चंद्र शोध संस्थान में तीन दिन से घुसा तेंदुआ अब तक वन विभाग की पकड़ में नहीं आ सका है। तेंदुए को दबोचने के लिए रविवार को परिसर के भीतर वॉच टावर एक और नौ पर लगाए गए पिंजड़े सोमवार को खाली दिखे। इस बीच पता चला है कि रविवार की देर रात को हरिश्चंद्र शोध संस्थान परिसर के भीतर घने जंगल में घुसा तेंदुआ एक बार फिर बाहर निकला और जगह-जगह चहल कदमी कर उधम मचाया। इससे वहां पर तैनात सुरक्षाकर्मियों में खलबली मची रही।
आनन फानन में परिसर के भीतर मौजूद वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियों तक यह जानकारी दी गई कि वह सभी अपने-अपने कमरों के भीतर रहें। बाहर निकालने की कोशिश न करें। वन विभाग की टीम ने सोमवार एक बार फिर तेंदुए को दबोचने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान जंगल के भीतर कुछ जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे। वन विभाग के अफसर की माने तो अब तक परिसर के भीतर घुसा तेंदुआ उन्हें नजर नहीं आया है। परिसर के भीतर तैनात सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक ही उन्हें जानकारी मिल पा रही है कि भीतर तेंदुआ घुसा हुआ है।
परिसर के भीतर कई जगह मिले तेंदुए के पैर के निशान
हालांकि वनकर्मियों का यह भी कहना है कि परिसर के भीतर जंगल की ओर कुछ जगहों पर तेंदुए के पैरों के निशान भी मिले हैं। इसी के आधार पर उसकी तलाश की जा रही है। सोमवार को वन विभाग की टीम ने फूलपुर के वन क्षेत्राधिकारी लक्ष्मीकांत दुबे एवं उप वन क्षेत्राधिकार सत्येंद्र चौधरी की अगवाई में जंगल के भीतर कुछ जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए। अफसरों का मानना है कि जब तक तेंदुए की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाएगी तब तक उसे पकड़ना आसान नहीं है।
इसी बीच पता चला है कि रविवार की रात तकरीबन एक बजे हरिश्चंद्र शोध संस्थान परिसर के भीतर घुसा तेंदुआ बाहर निकल आया था। वह तैनात सुरक्षाकर्मियों की नजर जब सड़क पर घूम रहे तेंदुए पर पड़ी तो वे सन्न रह गए। तत्काल तेंदुए की जानकारी परिसर के भीतर बने कंट्रोल रूम को दी गई। लोगों को भी अपने अपने कमरों के भीतर ही रहने को ताकीद किया गया। तेंदुए की तलाश में वन विभाग का सर्च ऑपरेशन दिन ढलने तक जारी था। इसके बावजूद उसका कोई सुराग नहीं लग सका था।
एचआरआई के निदेशक बोले -सुरक्षा कर्मियों और वैज्ञानिकों को सचेत रहने का निर्देश
अमर उजाला से बात करते हुए एचआरआई के निदेशक उज्जवल सेन ने बताया कि परिसर के भीतर तेंदुए की मौजूदगी के कारण लगातार भय बना हुआ है। कैंपस के भीतर रहने वाले वैज्ञानिक, उनके परिवार और शोधार्थी भी डरे सहमे में हैं। हालांकि उन्होंने वन विभाग की ओर से चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन को संतोषजनक बताया।
कहा कि वन विभाग के अफसर और कर्मचारी लगातार सर्च ऑपरेशन चलाकर तेंदुए को पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है। निदेशक उज्जवल सेन ने बताया कि परिसर के भीतर तेंदुए के पैरों के निशान भी देखे गए हैं। इससे यह साफ है कि परिसर के भीतर जंगल में तेंदुआ ही घुसा हुआ है।
उन्होंने बताया कि परिसर के भीतर तेंदुए की मौजूदगी के कारण लगातार सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा गार्डों को भी 24 घंटे सचेत रहने को कहा गया है। वैज्ञानिकों और उनके परिवार के सदस्यों के साथ ही साथ शोधार्थियों को भी अपने-अपने कमरों के दरवाजे और खिड़की बंद रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। बताया कि आज वन विभाग परिसर के भीतर घने जंगल में सीसीटीवी कैमरे लग रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही तेंदुआ पकड़ा जाएगा।