{"_id":"5e07a9178ebc3e87b402ee04","slug":"lekhpal-s-strike-stopped-allahabad-news-ald264209165","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेखपालों की हड़ताल खत्म, कार्रवाई पर असमंजस बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लेखपालों की हड़ताल खत्म, कार्रवाई पर असमंजस बरकरार
विज्ञापन
Lekhpal's strike stopped
- फोटो : CITY DESK
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिना शासनदेश सिर्फ आश्वासन पर हड़ताल खत्म करने पर जताई नाराजगी
प्रयागराज। राजस्व परिषद के अध्यक्ष से वार्ता के बाद शनिवार शाम को लेखपालों ने हड़ताल खत्म कर दी लेकिन लेखपालों में इस दौरान हुई प्रशासनिक कार्रवाइयों को लेकर असमंजस और भय कायम है। बिना किसी शासनादेश के महज आश्वासन पर हड़ताल खत्म करने पर लेखपालों ने नाराजगी भी जताई।
लेखपाल 19 दिनों से हड़ताल पर थे। इस दौरान सर्विस ब्रेक करने के साथ बड़ी संख्या में लेखपालों के खिलाफ बर्खास्तगी तथा निलंबन की भी कार्रवाई की गई है। अकेले प्रयागराज में 10 लेखपाल बर्खास्त किए गए हैं। कई अन्य निलंबित किए गए हैं। आंदोलन के समर्थन में कलक्ट्रेट परिसर में धरना के दौरान संघ के अध्यक्ष राजकुमार सागर ने बताया कि राजस्व परिषद ने सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन दिया है। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाइयों को वापस लिए जाने पर भी विचार करने का आश्वासन दिया है। इसके विपरीत इस बाबत स्पष्ट आदेश नहीं होने से लेखपालों में भय व्याप्त है। इसे लेकर उनमें नाराजगी भी है। उपमंत्री अवनीश पांडेय का कहना था कि आनन-फानन में लिए गए इस निर्णय से ज्यादातर जिलाध्यक्षों ने असहमति जताई है। बिना किसी शासनादेश के हड़ताल समाप्त करने को उन्होंने लेखपालों के साथ धोखा बताया।
विज्ञापन
प्रयागराज। राजस्व परिषद के अध्यक्ष से वार्ता के बाद शनिवार शाम को लेखपालों ने हड़ताल खत्म कर दी लेकिन लेखपालों में इस दौरान हुई प्रशासनिक कार्रवाइयों को लेकर असमंजस और भय कायम है। बिना किसी शासनादेश के महज आश्वासन पर हड़ताल खत्म करने पर लेखपालों ने नाराजगी भी जताई।
लेखपाल 19 दिनों से हड़ताल पर थे। इस दौरान सर्विस ब्रेक करने के साथ बड़ी संख्या में लेखपालों के खिलाफ बर्खास्तगी तथा निलंबन की भी कार्रवाई की गई है। अकेले प्रयागराज में 10 लेखपाल बर्खास्त किए गए हैं। कई अन्य निलंबित किए गए हैं। आंदोलन के समर्थन में कलक्ट्रेट परिसर में धरना के दौरान संघ के अध्यक्ष राजकुमार सागर ने बताया कि राजस्व परिषद ने सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन दिया है। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाइयों को वापस लिए जाने पर भी विचार करने का आश्वासन दिया है। इसके विपरीत इस बाबत स्पष्ट आदेश नहीं होने से लेखपालों में भय व्याप्त है। इसे लेकर उनमें नाराजगी भी है। उपमंत्री अवनीश पांडेय का कहना था कि आनन-फानन में लिए गए इस निर्णय से ज्यादातर जिलाध्यक्षों ने असहमति जताई है। बिना किसी शासनादेश के हड़ताल समाप्त करने को उन्होंने लेखपालों के साथ धोखा बताया।
विज्ञापन