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Prayagraj News: तीन राज्यों के स्टेट हेड की नौकरी छोड़ी, श्रीअन्न के स्टार्टअप से बदली तकदीर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jan 2024 02:23 AM IST
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Left the job of state head of three states, fortune changed due to Shriann's startup
प्रयागराज। श्रीअन्न यानी मोटे अनाज के उत्पादों का स्टार्टअप शुरू करने वाले बेनीगंज के रवींद्र सिंह रविवार को देश भर की सुर्खियां बन गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में न सिर्फ उनके स्टार्टअप की सराहना की, बल्कि उनके काम को दूसरों के लिए प्रेरक बताया। साल के आखिरी दिन पीएम के मुंह से तारीफ का तोहफा पाने के बाद रवींद्र की खुशी का ठिकाना नहीं रह गया है।
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सैन्य अफसर राजेंद्र सिंह के पुत्र रवींद्र की के स्टार्टअप ग्रैंड मामलेट न्यूस्ट्रास्युटिकल्स की रविवार को पीएम ने अपने मन की बात में तारीफ की। रवींद्र ने इस स्टार्टअप की शुरुआत 2017 में तब की, जब उन्हें कोयंबटूर में तमिलनाडु अग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में मिलेट्स पर आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण में भाग लेने का मौका मिला। इस प्रशिक्षण के बाद उन्होंने स्टेट प्रोग्राम हेड की नौकरी छोड़कर गैंड मामलेट स्टार्टअप शुरू किया। इसके तहत वह कालिंदीपुरम में गाय के देशी घी से ज्वार, बाजरा, रागी से कुकीज तैयार करने लगे। इसके अलावा उन्होंने पास्ता, नूडल्स, इडली, डोसा भी बनाना शुरू किया। रवींद्र बताते हैं कि पहली बार उनको लखनऊ के गवर्नर हाउस में मिलेट्स से बने अपने उत्पादों का स्टाल लगाने का मौका मिला। वहां उनके उत्पादों को हाथों हाथ लिया गया।
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इससे उनका उत्साह बढ़ गया। उनके काम से प्रभावित होकर पहल बार दिल्ली की आंबेडकर यूनिवर्सिटी ने उन्हें आठ लाख रुपये का फंड दिया। इससे उन्होंने कई मशीने खरीदी और काम आगे बढ़ाया। परिणाम यह हुआ कि कोरोना काल में भी रवींद्र का काम चलता रहा और उन्हेंने अपने कर्मचारियों को पूरी सैलरी भी दी। फिलहाल उनकी कंपनी को मौजूदा समय हैदराबाद इंडियन फूल ऑफ मिलेट्स रिसर्च की ओर से 18 लाख रुपये का अनुदान मिला है। अब रवींद्र सांवा, कोदो, कुटकी, हरी कंगनी, कंगनी के आटे और चावल के उत्पाद भी तैयार कर रहे हैं। सावां,, कोदो के चावल कैंसर और मधुमेह से लड़ने में भी कारगर हैं। अब उनका 25 लाख रुपये का सालाना टर्न ओवर का कारोबार खड़ा हो चुका है।
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