{"_id":"5ebb01b88ebc3e9050182b8d","slug":"lawyers-sitting-on-dharna-outside-the-high-court-gate-ragarding-e-filing-arrangement-city-desk-news-ald2756474162","type":"story","status":"publish","title_hn":"ई फाइलिंग व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट गेट के बाहर वकीलों का धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ई फाइलिंग व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट गेट के बाहर वकीलों का धरना
विज्ञापन
lawyers sitting on dharna outside the high court gate ragarding e filing arrangement
- फोटो : ALDCOMPACT
लॉक डाउन के दौरान हाईकोर्ट द्वारा मुकदमों की ई फाइलिंग और वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई के लिए की गई व्यवस्था से तमाम वकील असंतुष्ट हैं। मंगलवार को अधिवक्ता इसके विरोध में हाईकोर्ट के गेट तीन ए पर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप था कि हाईकोर्ट ने जो व्यवस्था की है, वह सुचारु रूप से काम नहीं कर रही है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। कुछ देर तक धरना प्रदर्शन करने के बाद जब हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से उनकी बात सुनने कोई नहीं आया तो वकीलों ने अपनी शिकायतें और मांगें लिखित रूप से महानिबंधक के पास भिजवा दीं। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं होता है तो वह बुधवार को फिर से धरना देंगे।
हाईकोर्ट ने 11 और 14 अप्रैल को अधिसूचना जारी कर मुकदमों की ई फाइलिंग और वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई का निर्देश दिया है। मंगलवार को मुकदमों की फाइलिंग करने पहुंचे वकीलों की शिकायत थी कि अर्जेेंसी में वे जो मुकदमे दाखिल कर रहे हैं, उनका वैरिफिकेशन कोड नहीं भेजा जा रहा है। ई फाइलिंग सेंटर पर मुकदमों का दाखिला भी सुचारु रूप से नहीं हो पा रहा है। जो याचिकाएं दाखिल हो रही हैं, उन पर डिफेक्ट लगा दिया जा रहा है। वहीं, कुछ याचिकाएं दाखिल होने के बावजूद सूचीबद्ध नहीं हो रही हैं।
अधिवक्ताओं का कहना था कि हाईकोर्ट में मुकदमों की सुनवाई होने की जानकारी होने पर वादकारी उन पर दबाव बनाते हैं। अधिवक्ता कोर्ट बंद होने से आर्थिक रूप से भी परेशान हैं। धरने पर बैठने वालों में आचार्य राजेश त्रिपाठी, राजीव शुक्ला, रीतेश श्रीवास्तव, कुंवर राजन, योगेंद्र शर्मा, अवधेश मिश्रा, रवींद्र त्रिपाठी, शिवा त्रिपाठी, हरिमोहन केसरवानी, विदित नारायण मिश्र, केके यादव, उदय शंकर तिवारी आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने 11 और 14 अप्रैल को अधिसूचना जारी कर मुकदमों की ई फाइलिंग और वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई का निर्देश दिया है। मंगलवार को मुकदमों की फाइलिंग करने पहुंचे वकीलों की शिकायत थी कि अर्जेेंसी में वे जो मुकदमे दाखिल कर रहे हैं, उनका वैरिफिकेशन कोड नहीं भेजा जा रहा है। ई फाइलिंग सेंटर पर मुकदमों का दाखिला भी सुचारु रूप से नहीं हो पा रहा है। जो याचिकाएं दाखिल हो रही हैं, उन पर डिफेक्ट लगा दिया जा रहा है। वहीं, कुछ याचिकाएं दाखिल होने के बावजूद सूचीबद्ध नहीं हो रही हैं।
विज्ञापन
अधिवक्ताओं का कहना था कि हाईकोर्ट में मुकदमों की सुनवाई होने की जानकारी होने पर वादकारी उन पर दबाव बनाते हैं। अधिवक्ता कोर्ट बंद होने से आर्थिक रूप से भी परेशान हैं। धरने पर बैठने वालों में आचार्य राजेश त्रिपाठी, राजीव शुक्ला, रीतेश श्रीवास्तव, कुंवर राजन, योगेंद्र शर्मा, अवधेश मिश्रा, रवींद्र त्रिपाठी, शिवा त्रिपाठी, हरिमोहन केसरवानी, विदित नारायण मिश्र, केके यादव, उदय शंकर तिवारी आदि थे।
विज्ञापन