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ललही छठ : पुत्रों की सलामती के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत
Thu, 03 Sep 2026 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Thu, 03 Sep 2026 02:14 AM IST
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भीरपुर क्षेत्र में धूमधाम से मनाई गई ललही छठ, माताओं ने बच्चों की दीर्घायु के लिए रखा व्रत
महिलाओं ने बुधवार को ललही छठ पर्व मनाया। उन्होंने अपने पुत्रों की लंबी उम्र और उज्ज्वल भविष्य की कामना के लिए निर्जल व्रत रखा। व्रती माताओं ने इस दिन सिया माई की विधि विधान से पूजा-अर्चना की।
पूजा में सभी प्रकार के भुने अन्न को महुआ और दही के साथ अर्पित किया गया। मान्यता है कि ललही छठ पर निर्जला व्रत करने से पुत्रों को लंबी आयु मिलती है। पूजा समाप्त होने के बाद माताएं फलाहार करती हैं।
इधर, करछना में भी ललही छठ धूमधाम से मनाया गया। आनापुर में महिलाओं ने दिनभर निर्जला रहकर की संतान की सुख-समृद्धि की कामना की। इधर, गौहनिया चौराहे पर शोभा साहू आदि के घर के सामने कास, पलास (छूल), बैर आदि बने पूंजे को स्थापित किया गया। मौके पर आभा साहू, अंजू गुप्ता, ऊषा, पुष्पा केसरवानी, रंजना केसरवानी, दुर्गा साहू आदि रहीं। खीरी में भी महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा।
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मिट्टी का कुआं बनाकर महिलाओं ने की पूजा
।
जारी बाजार में बुधवार को महिलाओं ने ललही छठ का व्रत रखा। महिलाओं ने मिट्टी का कुआं बनाकर जल, पलाश, महुआ के पत्तों और कुश से सजाया और विधि-विधान से पूजा की। संतानों की संख्या के अनुसार कुश में गांठ बांधी गई। जारी बाजार, सेमरी, मिश्रा बांध, बरेठिया समेत आसपास के गांवों में महिलाओं ने मंगलगीत गाते हुए पूजन किया। वहीं,
मेजा में महिलाओं ने पूजा अर्चन कर पर्व मनाया। इलाके के मेजारोड, विसहिजन खुर्द, मनूकापूरा, भंड़ेवरा, लखनपुर में महिलाओं ने व्रत रखा। इलाके के जेवनिया में शिवसेना की प्रदेश सचिव रूचि तिवारी ने भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। जसरा भी महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा। वहीं, मंसूराबाद, तिलई बाजार और भीरपुर में महिलाओं ने परंपरा के अनुसार व्रत का पारण किया। मौके पर ज्ञान देवी, गिरिजा देवी, मीना देवी, मीनू सिंह, सुमन सिंह और सिया दुलारी आदि रहे। वहीं, जगतपुर के बलरामपुर और बरेठी सहित विभिन्न गांवों में महिलाओं ने व्रत रखा।
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पूजा में सभी प्रकार के भुने अन्न को महुआ और दही के साथ अर्पित किया गया। मान्यता है कि ललही छठ पर निर्जला व्रत करने से पुत्रों को लंबी आयु मिलती है। पूजा समाप्त होने के बाद माताएं फलाहार करती हैं।
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इधर, करछना में भी ललही छठ धूमधाम से मनाया गया। आनापुर में महिलाओं ने दिनभर निर्जला रहकर की संतान की सुख-समृद्धि की कामना की। इधर, गौहनिया चौराहे पर शोभा साहू आदि के घर के सामने कास, पलास (छूल), बैर आदि बने पूंजे को स्थापित किया गया। मौके पर आभा साहू, अंजू गुप्ता, ऊषा, पुष्पा केसरवानी, रंजना केसरवानी, दुर्गा साहू आदि रहीं। खीरी में भी महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा।
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मिट्टी का कुआं बनाकर महिलाओं ने की पूजा
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जारी बाजार में बुधवार को महिलाओं ने ललही छठ का व्रत रखा। महिलाओं ने मिट्टी का कुआं बनाकर जल, पलाश, महुआ के पत्तों और कुश से सजाया और विधि-विधान से पूजा की। संतानों की संख्या के अनुसार कुश में गांठ बांधी गई। जारी बाजार, सेमरी, मिश्रा बांध, बरेठिया समेत आसपास के गांवों में महिलाओं ने मंगलगीत गाते हुए पूजन किया। वहीं,
मेजा में महिलाओं ने पूजा अर्चन कर पर्व मनाया। इलाके के मेजारोड, विसहिजन खुर्द, मनूकापूरा, भंड़ेवरा, लखनपुर में महिलाओं ने व्रत रखा। इलाके के जेवनिया में शिवसेना की प्रदेश सचिव रूचि तिवारी ने भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। जसरा भी महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा। वहीं, मंसूराबाद, तिलई बाजार और भीरपुर में महिलाओं ने परंपरा के अनुसार व्रत का पारण किया। मौके पर ज्ञान देवी, गिरिजा देवी, मीना देवी, मीनू सिंह, सुमन सिंह और सिया दुलारी आदि रहे। वहीं, जगतपुर के बलरामपुर और बरेठी सहित विभिन्न गांवों में महिलाओं ने व्रत रखा।

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