स्मृति ईरानी बोलीं : साइकिल पर नहीं, कमल पर बैठकर आती हैं लक्ष्मी
प्रयागराज के मीरापुर, प्रीतमनगर और कटरा चौराहे पर भाजपा प्रत्याशी क्रमश: नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सिद्धार्थ नाथ सिंह एवं हर्ष वर्धन बाजपेयी के समर्थन में हुई चुनाव जनसभा में स्मृति ने रामराज्य की कल्पना का भी मतलब समझाया।
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केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने सोमवार को कहा कि विकास रूपी मां लक्ष्मी साइकिल पर नहीं, कमल पर बैठकर आती है। इसलिए लक्ष्मी को लाना है तो कमल पर बटन दबाना होगा।
प्रयागराज के मीरापुर, प्रीतमनगर और कटरा चौराहे पर भाजपा प्रत्याशी क्रमश: नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सिद्धार्थ नाथ सिंह एवं हर्ष वर्धन बाजपेयी के समर्थन में हुई चुनाव जनसभा में स्मृति ने रामराज्य की कल्पना का भी मतलब समझाया। राहुल गांधी का नाम लिए बगैर उन्होेंने यह भी कहा कि जो राम का अस्तित्व नकारते थे, वह आज जनेऊ पहन कर मंदिर-मंदिर जा रहे हैं।
स्मृति ईरानी ने कहा कि यूपी का विधानसभा चुनाव काफी कुछ निर्धारित करेगा। कहा कि यह चुनाव निर्धारित करेगा कि आने वाले समय में हमारी बहू बेटियां सुरक्षित रहेंगी या नहीं। आने वाले समय में गरीबों को सम्मान और राशन मिलेगा या नहीं। कहा कि भाजपा ने प्रदेश में रामराज्य लाने का काम किया।
आज मां, बेटियां बेरोकटोक कहीं भी किसी भी समय पर जा सकती हैं। अब आप लोगों को तय करना है कि वापस गुंडाराज लाना है या फिर कमल के संरक्षण में हर बेटी को स्कूल भेजना और उनके चेहरे पर मुस्कराहट लाना है। कहा कि जिनकी साइकिल पंचर हो रही है वह तिलमिला रहे हैं। मीरापुर में हुई सभा में स्मृति ने कहा कि राम की लीला देखिए नाम राम का, चुनाव नंदी का।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर के लिए किया संघर्ष
कटरा और प्रीतम नगर में भी उन्होंने तकरीबन वहीं बाते दोहराई। शाम को कटरा में हर्ष बाजपेयी के साथ लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए स्मृति ने कहा कि योगी राज में किसी मां की बेटी चौखट लांघने से भयभीत नहीं होती। हमने महिला व बड़ों का सम्मान, युवा व समाज का उत्थान किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राममंदिर के लिए वर्षों संघर्ष किया। विरोधी पूछते थे मंदिर वहीं बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे।
प्रभु श्रीराम की लीला देखिए की तारीख बताने वाले ने गुजरात के छोटे से गांव में जन्म लिया। केंद्र में बहुमत होने के बावजूद संविधान और सुप्रीम कोर्ट का सम्मान कर फैसले का इंतजार किया और अब मंदिर निर्माण भी शुरू हो गया है। लोग धमकी देते थे कि मंदिर बना तो खून की नदिया बहेंगी, लेकिन योगी राज में तब कोई एक मच्छर भी नहीं मार सका। इन सभाओं में डा. यज्ञदत्त शर्मा, योगेश शुक्ला, विजय अरोरा, पूर्व विधायक अशोक बाजपेयी आदि मौजूद रहे।